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किसान आंदोलन के सार्थक परिणाम होंगेः वीरेन्द्र सिंह

मथुरा। कृषि प्रधान देश में किसानों की बात पहले होनी चाहिए। केंद्र सरकार को कृषि कानूनों के बारे में किसानों की शंकाओं को दूर करने को प्राथमिकता देनी चाहिए। राजनीति तो चलती रहेगी। ये बातें अखिल भारतीय जाट खण्ड ज्योति न्यास पालखेडा नौहझील पर आयोजित एक कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता चैधरी बीरेंद्र सिंह ने कहीं। उन्होंने कहाकि एक समय ऐसा था जिसमें खेती किसानी को सर्वोच्च माना जाता था। हालात यह हो गये हैं कि आज कोई भी किसान अपने बच्चे को खेती किसानी के भरोसे नहीं छोडना चाहता। खेती किसानी लगातार घाटे का सौदा बनती जा रही है। कार्यक्रम में बतौर मुख्यअतिथि मौजूद रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री और किसान नेता बीरेन्द्र सिंह ने कहाकि दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के सार्थक परिणाम होंगे। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। कार्यक्रम में सपा नेता और एमएलसी ठा.संजय लाठर ने कहाकि आज किसान विरोधी ताकतों के खिलाफ समाज के सभी वर्गों को एकजुटता दिखाने की जरूरत है। भाजपा सरकारें किसानों को बर्बाद करने की तैयारी कर चुकी हैं। अगर आज नहीं जागे तो आने वाली पीढी हमें कभी मांफ नहीं करेंगी। संजय लाठर ने  न्यास को एक लाख रूपये की सहयोग राशि प्रदान की। जाट समुदाय के विद्वानों के बीच प्रस्तावित महामंथन को चार महीने के लिए स्थगित कर दिया गया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामवीर सिंह किनवासा तथा संचालन चेयरमैन सौंख चैधरी भगवती प्रसाद ने किया। इस दौरान प्रताप सिंह, लोकेन्द्र नरवार, मेजर डा.बिजेन्द्र सिंह, हरियाणा के जींद से जिला पंचायत सदस्य रणवीर नरवाल, आरएस पंवार, डा.जेएस जाट, रविंद्र नरवार, पवन डागुर, योगेन्द्र चैधरी, सत्यपाल प्रधान, ओमवीर नौहवार, ओमप्रकाश चैधरी, सौरभ चैधरी सुनली चैधरी आदि मौजूद रहे।

 

नारद संवाद

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