देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। अजन्मा भाद्रपद की अष्टमी की मध्यरात्रि को अजन्मा जन्म लेने जा रहा है। इस क्षण का साक्षी बनने के लिए भक्तों के समूह तेजी से श्रीकृष्ण जन्मस्थान की तरफ बढ़ रहे हैं।
आसपास के इलाकों में तीर्थयात्रियों ने डेरा तंबू तान लिए हैं। रविवार को तीन हजार से अधिक जवान सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात कर दिए गए। मंदिरों में जन्मोत्सव के कार्यक्रम को लेकर तैयारी कर ली गई है। प्रसाद के लिए मंदिर, मठ, आश्रमों की रसोई दिन-रात चल रही हैं। तय मुहूर्त पर पूजा-अर्चना होगी। संपूर्ण ब्रज मंडल में कन्हैया के जन्म की खुशियों का उल्लास छा रहा है।
ज्योतिष आचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुवेर्दी ने बताया श्रीमद भागवत के अनुसार द्वाद्वश स्कंध के दूसरे अध्याय अनुसार भगवान श्रीकृष्ण धरती पर 125 वर्ष रहे। उनके धराधाम से जाने के बाद से ही कलियुग लग गया। सभी पंचागों में कलियुग की आयु 5119 वर्ष है। ऐसे में भगवान श्रीकृष्ण के धरा पर रहने की अवधि और कलियुग की आयु का योग 5247 वर्ष बैठता है।
जो भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के वर्ष को पुष्ट करता है। ऐसे में इस बार 5248 वां जन्मोत्सव मनाया जाएगा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर इस बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां आ रहे हैं। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप ही राज्य सरकार इस बार मथुरा में कान्हा के जन्मोत्सव को तीन दिवसीय आयोजन के रूप में मना रही है। सभी मंदिरों को सजाया गया है। प्रवेश द्वार बनाए गये हैं।
इस आयोजन में सरकार के साथ मथुरावासियों की भागेदारी बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के सहयोग लिए जा रहे हैं। इसी कड़ी में ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने शहर के व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों को सजाने की अपील की है। उनका कहना है कि व्यापारी और दुकानदार दीवाली की तरह ही अपने व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बिजली की झालरों से सजाएं, जिससे मथुरा आने वाले कृष्ण भक्तों को मथुरा की अद्भुत चमक दिखाई दे। इसके विभिन्न व्यापारी संगठनों ने सहमति भी जताई है और इसका असर देखने को मिल रहा है। व्यापारियों के द्वारा अपने प्रतिष्ठानों पर सजावट की जा रही है।
कृष्ण जन्माष्टमी से पूर्व ही प्रेम मंदिर रंगबिरंगी रोशनी से जगमगा रहा है। वहीं, हजारों श्रद्धालु जन्माष्टमी से पूर्व लाला के दर्शन के साथ ही रोशनी से नहाए मंदिर को देखने के लिए उमड़ रहे हैं। मंदिर की भव्यता को देखने के लिए दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा सहित देश के कोने-कोने से श्रद्धालु आ रहे हैं। नंदगांव के नंदबाबा मंदिर, वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर को आकर्षक विद्युत सजावटों से सजाया जा रहा है। वहीं मथुरा शहर की डिवाइडरों पर भगवा रंग चढाया जा रहा है।













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