देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। दहेज के एक मामले भरतपुर के एक गांव मंे जांच के लिए गए मथुरा पुलिस के दरोगा को रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा गया है। थाना मगोर्रा में तैनात उप निरीक्षक प्रेमपाल दहेज के मामले में भरतपुर के भुसावर में विवेचना करने गए थे। दहेज के एक मामले में आरोपियों का नाम निकालने एवं राजीनामा करवाने की एवज में दरोगा ने रिश्वत मांगी थी। थाना मर्गारा में दर्ज है दहेज का मुकदमा।
मथुरा के थाना मगोर्रा के उपनिरीक्षक प्रेमपाल को राजस्थान के भरतपुर के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने रविवार को रंगेहाथों 20 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। मथुरा पुलिस के दरोगा दहेज के मामले में जांच करने के लिए भरतपुर गए थे।
कार्रवाई के दौरान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भरतपुर के उपाधीक्षक परमेश्वर लाल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। थाना प्रभारी रंजीत वर्मा ने बताया कि उपनिरीक्षक प्रेमपाल को रिश्वत लेते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भरतपुर ने गिरफ्तार किया है। एसीबी भरतपुर ने 30 हजार रुपये लेते हुए रंगेहाथों दरोगा को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें पूछताछ कर टीम साथ ले गई। बताया गया है कि भुसावर थाने के गांव तरगवां निवासी राजवीर सिंह पुत्र मुरारी लाल जाट भीलवाड़ा में पुलिस कांस्टेबल के पद पर कार्यरत है। कांस्टेबल की पत्नी मिथलेश द्वारा थाना मगोर्रा में दहेज का मामला दर्ज कराया गया था।
राजीनामा करवाने को लेकर थाना मगोर्रा के उप निरीक्षक प्रेमपाल द्वारा आरोपी राजवीर से एक लाख रुपये रिश्वत मांगी गई। दरोगा प्रेमपाल को 10 हजार रुपये पहले ही दे दिए गए थे। आरोपी को तीस-तीस हजार रुपये की तीन किस्त देनी थी। दरोगा रिश्वत की पहली किस्त लेने आरोपी के गांव तरगवां पहुंचे थे, जहां एसीबी भरतपुर की टीम ने पकड़ लिया।













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