देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
लखनऊ । चुनाव आयोग की नजर में राज्य के डेढ़ दर्जन से आईपीएस अफसर हैं। जल्द ही चुनाव आयोग इन अफसरों को मौजूदा पद से हटाकर नए जगह तैनात कर सकता है और इस पदों की कमान लोकसभा चुनाव के दौरान बेहतर काम करने वाले अफसरों का दी जा सकती है। इसमें राज्य के डीजीपी, एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत चौधरी का भी नाम है। इसके साथ ही राज्य के प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा को भी हटाने के पूरे संकेत हैं। ये वो अफसर हैं जो राज्य सरकार के करीबी माने जाते हैं।
नए डीजीपी के तौर पर सुलखान सिंह चुनाव आयोग की पहली पसंद हैं। सुलखान सिंह 1980 बैच के अफसर हैं और राज्य सरकार ने उनकी सीनियरटी को दरकिनार कर जावेद अहमद को राज्य का डीजीपी नियुक्त किया था।आयोग ने गृह विभाग से प्रदेश के जनपदों में तैनात आईपीएस अफसरों का ब्यौरा तलब किया था। इसमें कई पार्टियों ने जिलों के पुलिस कप्तानों पर मौजूदा सरकार की तरफ झुकाव की शिकायत की थी। इसमें से वह अफसर भी हैं जो पीपीएस से आईपीएस में प्रमोट किए गए हैं। जिन पुलिस कप्तानों को हटाने की पूरी संभावना है,उसमें गौतमबुद्धनगर, आगरा, कुशीनगर, बाराबंकी , लखनऊ, मुरादाबाद,एटा,गाजीपुर और गोंडा समेत करीब 14 जनपदों के पुलिस कप्तानों के नाम शामिल हैं।
जबकि अभी शंटिंग पोस्टिंग में रखें आईपीएस अफसर मनोज तिवारी, अमित पाठक, सुभाष चन्द दूबे, वैभव कृष्ण, सुरेश राव आनंद कुलकर्णी, अनीस अहमद अंसारी, समेत कई अफसरों को जिलों का कप्तान बनाया जा सकता है। इन अफसरों ने लोकसभा चुनाव में बेहतर काम किया था।
साभार-khaskhabar.com













Related Items
बिहार का चुनाव: सियासी दंगल या लोकतंत्र की अग्नि परीक्षा?
चुनाव आयोग ने ईसीआई की वेबसाइट बंद किए जाने के राहुल गांधी के दावों को किया खारिज
लोकसभा चुनाव : भाजपा, कांग्रेस के शीर्ष नेता आज उत्तर प्रदेश में करेंगे प्रचार