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गोवंश को मुक्त कराया

मथुरा। अंतरराज्यीय तस्कर गैंग के कब्जे से पुलिस ने 193 गोवंश को मुक्त कराया है। तस्कर गैंग के नौ सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस बडी कार्रवाई में पुलिस ने एक स्विफ्ट डिजायर कार तथा दो मोटरसाइकिल भी बरामद की है।  


प्रभारी निरीक्षक थाना बलदेव  ज्ञानेन्द्र सिरोही ने बताया कि शनिवार को ग्राम नेरा में गोवंश को बिहार के रास्ते पश्चिम बंगाल ले जा रहे गोतस्करों आसिफ पुत्र साहिद निवासी सिरसखेङा थाना मूँढा पाण्डेय जिला मुरादाबाद, रंगङिया पुत्र मोतीराम निवासी सरखङा थाना बानसूर जिला अलबर राजस्थान, रामकुमार पुत्र मुंशीराम निवासी अन्धरापुरी थाना रामगढ जिला जयपुर राजस्थान, राजू पुत्र मांगीलाल निवासी अन्धरापुरी थाना रामगढ जिला जयपुर राजस्थान, मुकेश पुत्र मुन्ना निवासी अन्धरापुरी थाना रामगढ जिला जयपुर राजस्थान, धर्मा पुत्र मुन्ना निवासी अन्धरापुरी थाना रामगढ जिला जयपुर राजस्थान, मुकेश पुत्र सेंठाराम निवासी कोटपूतली थाना कोटपूतली जिला जयपुर राजस्थान, अर्जुन पुत्र मोती निवासी खरखङा थाना बानासूर जिला अलबर राजस्थान तथा विजय पुत्र बांगाराम निवासी गोपीपुर थाना कोटपुतली जिला जयपुर राजस्थान को 193 गौवंश व खरीद फरोख्त में उपयोग में आने वाली स्विफ्ट डिजायर, तीन मोटर साइकिल के साथ गिरफ्तार किया गया है । 

 
पूछताछ पर अभियुक्तों ने बताया कि वह गोवंशों को भरतपुर राजस्थान से सड़क के रास्ते फतेहपुर सीकरी, किरावली, सिकन्दरा, आगरा होते हुए ग्राम नेरा थाना बल्देव के पास जमुना किनारे रोका गया था तथा इनको तस्करी के लिए कंटेनर आने पर उनको बिहार के रास्ते पश्चिम बंगाल भेजा जा रहा था।

हजारों गोवंश की हो चुकी है तस्करी


हजारों आवार गोवंश की मथुरा जनपद से कुछ महीने में ही तस्करी हो चुकी है। गोवंश का उचित प्रबंधन नहीं होने से किसानों के खेतों में बडे पैमाने पर गोवंश नुकसान कर रहा था। इसी का लाभ उठा कर तस्कर सक्रिय हो गये। ग्रामीणों ने भी गोवंश को ले जाने का विरोध नहीं किया। कंटेनर और ट्रकों में लादकर गांवों से गोवंश को लादकर ले गये। हालांकि इस दौरान पुलिस की निष्क्रीयता भी लोगों की समझ नहीं आई।

 

शुक्रवार को हुई थी पुलिस की ग्रामीणों के साथ बैठ


थाना बल्देव परिसर में ग्रामीणों के साथ पुलिस की बैठक हुई थी। इस बैठक में ग्राम प्रधानों के आलवा बल्देव चेयरमैन, भाकियू जिलाध्यक्ष आदि भी मौजूद थे। हालांकि यह बैठक त्योहारों के मद्देजन शांति व्यवस्था बनाये रखने के उद्देश्य से बुलाई गयी थी। इस बीच लोगों दूसरे मुद्दे भी उठाये थे। पुलिस और ग्रामीणों के बीच बने समन्वय का ही नतीजा है कि पुलिस इतनी बडी कार्रवाही कर सकी।

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