देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। लाॅकडाउन के दौरान के तीन माह के बिजली के बिल और स्कूल की फीस मांफी की मांग लगातार जोड पकड रही है। ब्रज अधिकार संरक्षण समिति, जनसहयोग समूह, मथुरा महानगर विकास समिति जैसी कई संस्थाएं इस अभियान को आगे बढा रही हैं। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे राजनीतिक संगठन भी इस तरह की मांग कर रहे लोगों और संस्थाओं के सुर में सुर मिला रहे हैं। मथुरा महानगर विकास समिति ने सोमवार को प्रतिष्ठानों पर पहुंच कर मांगों के समर्थन में हस्ताक्षर कराये।
मथुरा महानगर के छत्ता बाजार में सोशलडिस्टेंसिंग का पालन करते हुए समिति के अध्यक्ष दिनेश आन्नद पापे, मीडिया प्रभारी पवन चतुर्वेदी, समिति की उपाध्यक्ष रूपा लवानिया का कहना है कि कोरोना महामारी ने जनता की कमर तौड दी है। जनता के पास पैसा नहीं है। आमदनी के साधन बंद हो चुके हैं फिर अभिभावक तीन माह की फीस कहां से लाएं। इसके बाद भी स्कूल संचालक बच्चों के अभिभावकांे पर फीस का दबाव बना रहे हैं। जिसकी हम निंदा करते हैं। व्यापारीयांे की दुकान काफी समय से बंद पडी हैं। कोई व्यापार नहीं है तो व्यापारी बिजली का बिल कहां से चुकायें, स्कुल संचालक किताब कॉफी बस्ता भी अघिक मुल्य पर स्कूल से देते हैं। इस मौके पर सौनू, प्रतीक, आन्नद, लक्षमी शर्मा, गोपाल, विशेष आन्नद आदि मौजूद रहे।
दो स्कूलों ने मांफ की दो माह की स्कूल फीस
ब्रज अधिकार संरक्षण समिति की पहल केसी पब्लिक स्कूल अटल्ल चुंगी वृंदावन एवंआदर्श विद्यामंदिर वृंदावन ने दो माह की स्कूल की फीस बच्चों से नहीं लेने का फैसला लिया है। विद्यालय प्रबंधन की तरफ से इस की सूचना सभी अभिभावकों को दे दी गई है जिससे वह चिंता मुक्त हो सकें। आदर्श विद्यामंदिर के प्राचार्य गोपाल कृष्ण गोस्वामी एवं प्रबंधक आलोक कृष्ण गोस्वामी ने बताया कि उन्होंने 20 मई को ही अभिभावकों को मैसेज भेज दिया था। उन्होंने कहाकि दूसरी शिक्षण संस्थाओं को भी कुछ अच्छे कदम इस समय उठाने चाहिए।













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