देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। धर्म नगरी में श्रद्धालुओं के लिए विश्वप्रसिद्ध मंदिरों के पट बंद कर दिये गये हैं। गोवर्धन में परिक्रमा पर भी पाबंदी लगा दी गई है। कोरोना के बढते प्रकोप को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। सुप्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर के द्वार आम भक्तों के लिए 20 मई तक बंद रहेंगे।
श्रीकृष्ण-जन्मस्थान के दर्शन आम भक्तों के 24 मई तक के लिए बंद रहेंगे। द्वारकाधीश मंदिर के मंदिर प्रबंधन ने यह निर्णय शासन के कोरोना कफ्र्यू का पालन करने की दृष्टि लिया है। इससे पहले मंदिर को 10 मई तक के लिए बंद किया गया था।
पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के ठाकुर द्वारकाधीश मंदिर के गोस्वामी बृजेश कुमार महाराज के आदेशानुसार और मंदिर के गोस्वामी डॉ. बागीश कुमार महाराज कांकरोली युवराज के निर्देशानुसार सरकार की गाइड लाइनों का पालन करते हुए ठाकुर द्वारकाधीश मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए 20 मई तक बंद करने के निर्देश दिए हैं।
मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि मंदिर बंद के दौरान आम भक्तों को ठाकुर जी के दर्शन नहीं होगे लेकिन मंदिर के अन्दर निरंतर ठाकुर जी की सेवा चलती रहेगी और भक्तों को अपने घर पर ही ठाकुर जी का ध्यान करना होगा जिससे इस वैश्विक महामारी से बचा जा सके।
सप्तकोसीय गिरिराज परिक्रमा लॉकडाउन के चलते बंद है।
रोजाना परिक्रमा करने के लिए आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के कदम थम गए है। इससे व्यापारी वर्ग परेशान है। पंडा-पुजारियों को अपना परिवार चलाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पंडा-पुजारियों का ध्यान सरकार की ओर लगा हुआ है।
पिछले साल लॉकडाउन के दौरान धार्मिक, सामाजिक संस्थाओं द्वारा खाद्य सामग्री बांट कर उन्हें राहत दी थी। इस बार कोई सामाजिक संगठन जरूरतमंदों की सुध नहीं ले रहा है। मंदिर-मठों के पट बंद होने से पंडा पुजारियों के सामने अपने परिवार का पालन पोषण करने की समस्या पैदा हो गई है।
मथुरा में कोरोना के बढ़ते प्रकोप व राज्य सरकार द्वारा बरती जा रही गंभीरता के दृष्टिगत श्रीकृष्ण-जन्मस्थान के दर्शन आम भक्तों के 24 मई तक के लिए बंद रहेंगे।
कपिल शर्मा ने भक्तों से व्यापक जनहित में लॉक डाउन सम्बन्धी निर्देशों का अनुपालन करने व कोरोना का टीका लगवाने का आग्रह किया है। वहीं 20 मई तक ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर के पट आम भक्तों के लिए बंद रखे गए हैं। मंदिर के सेवायत पूजा अर्चना करते रहेंगे।
प्राचीन केशवदेव मंदिर को भी 21 मई तक बंद रखने पर सहमति बन गई है। यहां ठाकुरजी की सेवा अंदर ही चलती रहेगी। गौरतलब है कि विगत वर्ष भी लॉकडाउन में कई महीनों तक मथुरा में मंदिरों के पट बंद रहे थे.













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