देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। श्रीमद्भागवत कथा आयोजन समिति के तत्वावधान में भाद्रपद शुक्ल नवमी को श्रीमद्भागवत जयंती समारोह का आयोजन समिति के कार्यालय पर शासन की कोविड-19 की गाइडलाइंन के नियमों का पालन करते हुए समिति के प्रमुख पदाधिकारियों ने किया।
प्रतिवर्ष परंपरागत होने वाले वृहद कार्यक्रम विद्वत संगोष्ठी एवं विद्वतजन सम्मान को इस बार स्थगित कर दिया गया। समारोह में सर्वप्रथम स्वस्तिवाचन, गणेशपूजन , नवग्रह, षोडस मातृका पूजन के उपरांत श्रीमद्भागवत महापुराण का पूजन चंदन, रोली, तुलसीदल, पुष्पहार से समिति अध्यक्ष पं. शशांक पाठक के आचार्यत्व में समिति के पदाधिकारियों ने किया । तत्पश्चात आरती उतारी गयी। समिति के सलाहकारमंडल के सदस्य भागवताचार्य लालजीभाई शास्त्री ने कहा कि भागवत सकल मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला चैतन्य ग्रंथ है।
समिति के महामंत्री भागवत वक्ता आचार्य सुमंत कृष्ण शास्त्री ने की भागवत भूत, भविष्य, वर्तमान एवं भक्ति, ज्ञान, वैराग्य का त्रिवेणी संगम है। समारोह की अध्यक्षता करते हुए समिति संस्थापक पं. अमित भारद्वाज ने बताया कि कोविड 19 की सरकारी निर्देशों का पालन करते हुए सूक्ष्म में समारोह आयोजित किया गया है।
महामारी की समाप्ति के बाद भागवत पर विद्वत संगोष्ठी व विद्वतजन सम्मान का आयोजन वृंदावम में श्रीनाथ धाम में किया जायेगा। समिति द्वारा महामारी से मुक्ति के को लेकर भागवत के मूल पाठ का सात दिवसीय अनुष्ठान आज से प्रारंभ किया गया है।













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