देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिये गये हैं कि 1.50 करोड़ रूपये दिये जा चुके हैं, प्रत्येक दशा में 30 अक्टूबर तक नये पम्पपिंग सेट खरीदने के पश्चात कार्य को सुचारू रूप से चालू किया जाये। उन्होंने कहा कि किसी भी दशा में सीवर का पानी यमुना में न जाने दिया जाये। उन्होंने नगर आयुक्त से 5 टैप किये गये नालों की जानकारी भी प्राप्त की।
जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र ने नगर आयुक्त रविन्द्र कुमार मांदड के साथ विभिन्न पम्पपिंग स्टेशनों का औचक निरीक्षण किया। सर्वप्रथम उन्होंने नमामि गंगे प्रोजेक्ट मुखर्जी पार्क वृन्दावन में जाकर औचक निरीक्षण किया तथा गंगा जल की सप्लाई के बारे में पूर्ण जानकारी प्राप्त की। उन्होंने पाॅवर प्लांट के अन्दर भरे हुए पानी को देखकर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि दो दिन में इसे ठीक किया जाये।
श्री मिश्र ने नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तत्पश्चात पर्यटन सुविधा केन्द्र के सामने बने 8 एमएलडी ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने प्लांट में आने वाले सीवर पानी को देखा तथा साफ होने के पश्चात नदी में छोड़े जाने वाले पानी को भी देखा।
सहायक नगर आयुक्त द्वारा बताया गया कि कालीदेह पम्पपिंग स्टेशन एवं रूकमणी विहार पम्पपिंग स्टेशन पर पुराने पम्पपिंग होने के कारण पूर्ण क्षमता में कार्य नहीं कर पा रहा है, जिसके कारण ओवरफ्लो होने की समस्या उत्पन्न हो रही है।
श्री मिश्र ने निर्देश दिये कि सहायक नगर आयुक्त कालीदेह एवं रूकमणी विहार के पम्पपिंग स्टेशनों पर किये जा रहे कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा करेंगे। उन्होंने प्रोजेक्ट मैनेजर, सहायक अभियंता जल निगम, अवर अभियंता जल निगम पर नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि सात दिन के अन्दर सभी व्यवस्थायें सुचारू की जायें।
सात दिन के अन्दर पानीघाट, ललिता बाग, पानीघाट चैराहों की ओवरप्लो समस्यायें ठीक की जायें तथा 15 दिन के अन्दर गौरा नगर की समस्या का निराकरण किया जाये। उक्त तिथि के पश्चात कार्य सुचारू रूप से नहीं होता है, तो तीनों अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की प्रक्रिया प्रारम्भ की जाये।













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