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आत्मनिर्भर भारत: युवक ने किया कमाल, पेट्रोल-डीजल से नहीं, सौर ऊर्जा से चलने वाला बनाया ट्रैक्टर

देश के नवयुवकों ने समय-समय पर अपनी प्रतीभा का लोहा मनवाया है। सीमित संसाधनों के बल पर आधुनिकता के साथ कदम मिलाते हुए, एक से बढ़ कर एक इनोवेशन कर दिए हैं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है गुजरात के युवा किसान ने, जिसनें  सौर ऊर्जा से चलने वाला मिनी ट्रैक्टर बनाकर किसानों को नया संदेश दिया है। 

 
पेट्रोल-डीजल का मिला विकल्प 

गुजरात जल संसाधन विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष और डीसा के पूर्व विधायक स्वर्गीय गोरधनजी गिगाजी माली के पुत्र नवीनभाई माली पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों के बीच कम लागत में अधिक कमाई कैसे करें, इस पर शोध कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने इस ट्रैक्टर को विकसित कर किसानों को आत्मनिर्भर किसान बनने का संदेश दिया। उनका कहना है कि यह करके उन्होंने  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के नारे को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। 
 

एक टन तक वजन खींचने की क्षमता 

नवीनभाई माली बाताते हैं कि हाल ही में उनके दिमाग में एक मिनी ट्रैक्टर बनाने का विचार आया और जो सौर ऊर्जा से चालित हो। इसके मद्देनजर उन्होंने ट्रैक्टर बॉडी का काम करने वाले हर्षदभाई पांचाल से संपर्क किया। उन्होंने हर्षदभाई के साथ सौर ऊर्जा चालित ट्रैक्टर की बॉडी बनाने का विचार शेयर किया। इस तरह कुछ ही दिनों में सौर ऊर्जा से चलने वाला यह ट्रैक्टर तैयार किया गया। इस सौर ऊर्जा से चलने वाले ट्रैक्टर में एक टन तक वजन खींचने की क्षमता है।
 
 
सोलर मिनी ट्रैक्टर बनाने में करीब तीन महीने का लगा समय
 
नवीनभाई माली ने बताया कि सौर ऊर्जा से चलने वाले इस सोलर मिनी ट्रैक्टर को बनाने में करीब तीन महीने का समय लगा है। इसमें एक इंजन और एक इलेक्ट्रिक डिवाइस का इस्तेमाल किया गया है। करीब 1.75 लाख रुपये की लागत से सौर ऊर्जा से चलने वाले मिनी ट्रैक्टर काे तैयार किया गया है। उनका कहना है कि ट्रैक्टर कई तरह से किसानों के लिए फायदेमंद होगा, क्योंकि ईंधन के मद में खर्च और समय दोनों ही बचेगा। यह ट्रैक्टर छोटी बागवानी में उपयोगिता के साथ-साथ चरवाहों के लिए दूध लाना, चारा लाना, पर्यावरण को बचाना और प्रदूषण को भी रोकना आसान बनाता है।

नारद संवाद

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