देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreवैश्विक महामारी कोरोना काल में भी भारतीय रेलवे के कर्मचारी बिना रुके, बिना थके अनवरत कार्य में लगे हुए हैं। फिर चाहे कोविड मरीजों तक ऑक्सीजन पहुंचाना हो, श्रमिकों को उनके घर तक भेजना है, किसानों के उत्पादों को बाजार तक या दूसरे राज्य भेजना हो। इन सब के अलावा रेलवे इन्हीं दिनों ट्रेनों में भी नए तरह के कोच बना रहे हैं, साथ ही आत्मनिर्भर भारत के तहत मेक इन इंडिया रेल इंजन तैयार किया जा रहा है, जो निर्यात भी किया जा रहा है।
चौथा इंजन भी है तैयार, टेस्टिंग जारी
दरअसल मोजाम्बिक को निर्यात किया गया यह तीसरा रेल इंजन है। इसके अलावा बीएलडब्ल्यू (बनारस रेल इंजन कारखाना) निर्यात होने वाले चौथे इंजन को भी तैयार कर लिया है, इसकी टेस्टिंग की जा रही है।
https://twitter.com/RailMinIndia/status/1402998692613742609?s=20
इससे पहले मार्च में मोजाम्बिक को दो इंजन किए थे निर्यात
इससे पहले मार्च में दो 3,000 एचपी केप गेज लोकोमोटिव को मोजाम्बिक निर्यात किया गया था। भारतीय रेलवे 3000 एचपी गेज लोकोमोटिव के 6 लोकोमोटिव और 90 स्टेनलेस स्टील यात्री डिब्बों के कुल क्रम के हिस्से के रूप में 3 लोकोमोटिव का निर्यात कर चुका है।
मेक इन इंडिया मिशन के तहत बनाए गए हैं ये रेल के इंजन
इन लोकोमोटिव को मेक-इन-इंडिया मिशन के तहत बनारस लोकोमोटिव वर्क्स द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है। इन्हें भारतीय रेलवे के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, राइट्स लिमिटेड, के माध्यम से निर्यात किया जा रहा है। आत्मनिर्भर भारत की भावना से इन्हें भारत में डिजाइन और विकसित किया गया है। साथ ही यह भारत द्वारा वित्तपोषित किया गया है।
वहीं मोजाम्बिक सरकार के परिवहन और संचार मंत्री जनाफर अब्दुलई ने परिवहन के क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत सरकार को धन्यवाद दिया।
3000 एचपी केप गेज लोकोमोटिव की खासियत
>यह लोकोमोटिव लेवल ट्रैक पर 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से 2,255 टन वजन ढोने की क्षमता और 400एन के अधिकतम ट्रैक्टिव प्रयास के लिए सक्षम है।
>इस लोकोमोटिव के केबिन शोर-कंपन और कर्कश ध्वनि-रोधी हैं, जहां वैज्ञानिक तकनीक से आवाज को बेहतर कर्णप्रिय बनाया गया है। साथ ही इसकी सीटें भी बेहद आरामदायक हैं और इंटीग्रेटेड ग्राफिक ड्राइवर डिस्प्ले भी है। बेहतर क्रू कंफर्ट और थकान को कम करने के लिए हीटिंग वेंटिंग एसी भी दिया गया है।
>परिवहन के दौरान इस्तेमाल के लिए पानी की टंकी (टॉयलेट मॉड्यूल), रेफ्रिजरेटर और हॉट प्लेट की सुविधाएं भी हैं।
>राइट हैंड ड्राइव के लिए नए कंट्रोल कंसोल को डिजाइन और विकसित किया गया है।
>उच्चतम सुरक्षा मानकों और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए कंप्यूटर नियंत्रित ब्रेक सिस्टम (सीसीबी 2.0) से इसे लैस किया गया है।
>अधिक संचालन के लिए 6000 लीटर का बड़ा ईंधन टैंक दिया गया है।
>संक्षारण प्रतिरोध सुनिश्चित करने के लिए स्टेनलेस स्टील पाइप का उपयोग किया गया है।
>मोजाम्बिक रेलवे द्वारा नियुक्त एक अंतर्राष्ट्रीय निरीक्षण एजेंसी मैसर्स ब्यूरो वेरिटास/नोएडा बनारस लोकोमोटिव वर्क्स में मोजाम्बिक लोकोमोटिव का चरण दर चरण निरीक्षण कर रही है।
>लोकोमोटिव कम लागत पर तैयार होने के साथ अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं।













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