देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान द्वारा अपनी चार एकड गैहूं की खडी फसल को जोतने की मीडिया रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी मथुरा ने क्षेत्रीय एसडीएम को जांच के आदेश दिये थे। एसडीएम ने जांच पडताल कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि तीन कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन के असर से नहीं बल्कि किसान ने ज्वार और बाजरा बोने के लिए कुछ गैहूं की कमजोर फसल को जोता है। इसका किसान आंदोलन से कोई वास्ता नहीं है। उप जिलाधिकारी छाता हनुमान प्रसाद मौर्य ने कहा है कि सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि दो मार्चा को कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर कि ग्राम उमराया में कृषि बिलों के विरोध तथा पेट्रोल एवं डीजल के बढ़ते दामों को लेकर किसान खेत में खड़ी फसल को जोत रहे हैं।
जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल के निर्देश पर उप जिलाधिकारी ने जांच की तो पाया कि ग्राम उमराया के श्री ठाकुर जी राधा विनोद उर्फ किशोरी मोहन मंदिर प्रबंधक परमेश्वर दास चेला हरिदास शास्त्री द्वारा अपने खेत के आंशिक रकवा 0.240 हेक्टेयर में खड़ी गेहूं की फसल के अत्यधिक कमजारे होने के कारण उसमें ज्वार चारा बोने हेतु गेहूं की खड़ी फसल को जुतवाया था न कि कृषि बिलों के विरोध अथवा डीजल एवं पेट्रोल के दाम बढ़ने के विरोध में। जांच में ग्राम उमराया में इस घटना के अलावा फसल जोतने की अन्य कोई घटना घटित नहीं हुई है। ग्राम उमराया में खड़ी गेहूं की फसल को कृषि बिलों के विरोध में जोते जाने की खबर का खण्डन किया जाता है।













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