देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा(सतपाल सिंह)। लाकडाउन 2.0 को सफल बनाने के लिए अब जिला प्रशासन ने अनाज मंडियों और गैहूं खरीद केन्द्रों पर ध्यान केंद्रित किया है। यहां भीडभाड न हो और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही अधिकतम सेनेटाजिंग की जाए इस का प्रयास किया जा रहा है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के किसानों को बताया जा रहा है और मंडी में कार्यरत मजदूरों और अढतिया को भी इसके लिए बाध्य किया जा रहा है। अनाज मंडियों में फुटकर खरीदारों दूसरे लोगों का प्रवेश पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। जिससे कि मंडी में भीडभाड न होने पाये। दूसरी ओर किसानों को समर्थन मूल्य नहीं मिलने की शिकायतें भी लगातार मिल रही हैं हालांकि इसके लिए गुणवत्ता का हवाला दिया जा रहा है। मंडी सचिव और अढतिया का कहना है कि जो उपज गुणवत्तापूर्ण नहीं उसका कम पैसा मिलेगा ही, किसानों ने इसका मुआवजा पहले ही ले लिया है और अब पूरा समर्थन मूल्य भी चाहते हैं। वहीं दूसरी तरफ सरकारी लेवी शुरू हो गई है और किसानों की फसल लेवी के द्वारा खरीदी जा रही है। उप मंडियों पर भी लगातार ध्यान दिया जा रहा है। मंडी में किसी प्रकार की अनियमितता ना हो इसके लिए एसडीएम महावन लगातार मंडियों का निरीक्षण कर रहे हैं।
शनिवार को एसडीएम महावन हनुमान प्रसाद मौर्य राया मंडी का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण में एसडीएम महावन हनुमान प्रसाद मौर्य को जो खामियां मिली उन्हें जल्द दूर करने के दिशा निर्देश दिए। एसडीएम ने मंडी में लगी सरकारी लेवी और गेहूं खरीद को लेकर भी मंडी के अधिकारियों से चर्चा की और गेहूं खरीद को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। निरीक्षण की जानकारी देते हुए एसडीएम महावन हनुमान प्रसाद मौर्य ने बताया राया मंडी का निरीक्षण किया गया है और 1925 रुपए प्रति कुंतल के हिसाब से गेहूं की खरीद की जा रही है। किसान अपनी फसल को मंडी में लाकर बेच सकता है। वही अनाज लेकर आए किसान राम कुमार का कहना था कि मंडी कर्मचारी लापरवाह हैं। यहां न मास्क की व्यवस्था है और ना ही सेनेटाइजर की।












