देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। कोविड-19 के दौर में संचार में चुनौतियां एवं उसके निराकरण विषय पर यूपी एनएचएम द्वारा वर्चुअल कार्यशाला आयोजित करायी गयी। ये कार्यशाला यूपी के स्वास्थ्य विभाग को तकनीकी सहयोग प्रदान करने वाली ईकाई (यूपीटीएसयू), यूनिसेफ और सेंटर फार एडवोकेसी एण्ड रिसर्च (सीफॉर) के सहयोग से आयोजित करायी गयी। कार्यशाला में जूम एप के जरिए मथुरा समेत पश्चिमी यूपी के आगरा, अलीगढ़ मंडल के जिलों के जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी व मथुरा के सभी ब्लाकों के ब्लाक स्वास्थ्य शिक्षाधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
कार्यशाला में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव वी.हिकाली झिमोमी ने कहा कि कोविड-19 का यह एक कठिन दौर है। बाहर से आने वाले प्रवासियों को मदद दें। उनके साथ तमाम परेशानियों पर भी ध्यान देने की जरुरत है। कार्यशाला में संचार की महत्ता पर यूनिसेफ से गीताली त्रिवेदी ने बताया कि वह हर एक व्यक्ति कोरोना योद्धा है जो कोविड-19 से बचाव के तरीकों को गंभीरता से निभाता है। हम ऐसे हर एक व्यक्ति पर स्टोरी कर सकते हैं। यूपीटीएसयू से डॉ. शालिनी रमन ने दुबारा शुरू हुई आरएमएनसीएच की सेवाओं को चालू करने में क्या सावधानियाँ रखें, इस पर चर्चा की।
सीफॉर की स्टेट प्रोजेक्टट डायरेक्टर रंजना द्विवेदी ने कोविड-19 से जुड़ी न्यूज प्रकाशन केदौरान बरती जाने वाली सावधानियों से अवगत कराया और बताया कि हम कैसे संवेदनशील व जानकारीपरक बातें मीडिया के जरिए आम आदमी तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने यूपी में चल रहे हैल्थ न्यूज के मीडिया ट्रेंड के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी।
स्वास्थ्य कर्मियों को दी ट्रेनिंग
मथुरा के जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी जितेंन्द्र सिंह ने प्रशिक्षण कार्यशाला में भाग लेने के बाद कहा कि हमें होम क्वारंटाइन, बाहर से आ रहे श्रमिकों पर और कोविड 19 के सकारात्मक बातों पर ध्यान देना है। अब बाहर से आ रहे लोगों पर निगरानी समिति भूमिका निभा सकती है। इस पर हमें ध्यान देना है। कार्यशाला में प्रतिभाग करने वालों में ब्लाक फरह के स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी ललित मोहन, मांट स्वास्थ्य केंद्र के बीसीपीएम मिर्जा आजाद रजा, मथुरा ब्लाक के बीसीपीएम रमाशंकर, शशिकांत, बीसीपीएम अजय कुमार, अमित कुमार, सत्यम, बरसाना के बीसीपीएम प्रकाश व बल्देव के बीसीपीएम अजय आदि ने विशेषज्ञों द्वारा दी गयी जानकारियों को महत्वपूर्ण बताते हुए उसे ब्लाक स्तर पर अमल में लाने का संकल्प दुहराया।












