देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। महावन स्थित संत प्रवर स्वामी काष्र्णि गुरूशरणानंद महाराज के आश्रम से ब्रज कला केन्द्र दिल्ली द्वारा शाह आडिटोरियम में राधाष्टमी के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में राधा जन्म की बधाई के स्वर गूंज उठे। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकर वंदनाश्री ने ठाकुर रमणबिहारी लाल के पावन सानिध्य में राधा जी की झांकी के मध्य ब्रज वंदना प्रस्तुत कर ब्रज रस वर्षा की। वंदनाश्री और उनके साथी कलाकारों ने राधा कृष्ण की अनेक लोकरंजनी लीलाओं के साथ एक अनछुए प्रसंग को प्रस्तुत किया। जिसमें दर्शाया गया था कि जब राधा जी का जन्म हुआ तब उनके नेत्र मुंदे हुए थे। साढे ग्यारह माह पश्चात कृष्ण का जन्म होने पर जब राधा जी की मां कीरत किशोरी राधा जी को गोद में लिये जशोदा जी को बधाई देने पहुंचीं तो राधा ने कृष्ण का दर्शन करते ही नेत्र खोल दिये। इसी क्रम में कान्हा बरसाने में आई जइयो, बूझत श्याम कौन तू गोरी आदि के पष्चात महारास की प्रस्तुति हुई तो राधा कृष्ण की जय जय कार हो उठी। ब्रज कलाकेन्द्र के राधाष्ठमी समारोह में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी के सचिव रहे शिवकुमार तथा दिल्ली के विधायक मोहिन्दर गोयल ने कहाकि राजधारी में साक्षात राधा कृष्ण के दर्षन कर ब्रज रस की दुर्लभ अनुभूति का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर सभी कलाकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में ब्रज कलाकेन्द्र के महामंत्री विष्णु गोयल ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।













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