देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। जनपद मथुरा में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सप्ताह दो से आठ दिसम्बर तक चलेगा जिसमें आशा व अन्य स्वास्थ्य कर्मी ग्रामीण गर्भवती महिलाओं को तलाश कर उन्हें इस सरकारी स्वास्थ्य स्कीम से लाभान्वित किया जाएगा। मथुरा में 25 नवंबर तक 25439 गर्भवती महिलाओं ने योजना का लाभ उठाया है जो लक्ष्य का 71 प्रतिशत है। 31 दिसंबर तक लक्ष्य पूरा करना है। आठ दिसंबर के बाद श्रेष्ठ आशा सम्मानित होंगी।
इस योजना में पहली बार मां बनने वाली गर्भवती महिलाओं को आर्थिक मदद दी जाएगी। यह राशि तीन किश्तों में दी जाती है।
एनएचएम की डीसीपीएम श्रीमती पारुल शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 5000 रुपए की धनराशि प्रथम बार गर्भवती होने वाली महिला को दी जाती है। स्कीम में गर्भधारण के बाद पंजीयन होता है। साथ ही गर्भवती को प्रथम किश्त के रूप में 1000 रुपए दिए जाते हैं। प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने पर गर्भावस्था के छह माह बाद दूसरी किश्त के रूप में 2000 रुपए दिए जाते हैं। बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर तीसरी किश्त के रूप में 2000 रुपए दिए जाते हैं। ये सारे भुगतान गर्भवती महिला के बैंक खाते में ही किये जाते हैं।ॉ
श्रीमती पारुल ने बताया कि इस योजना का लाभ सभी सही पात्र लोगों को मिल सके, इसके लिए आॅनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। यह सुविधा अमीर, गरीब व किसी भी जाति बंधन से मुक्त है। केवल सरकारी महिला कर्मचारियों को इस सुविधा का लाभ नहीं दिया जाता। यह योजना पूर्णतरू निरूशुल्क है इसमें किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता है।
एनएचएम की डीसीपीएम ने बताया योजना के तहत अब तक 25439 महिलाओं को इसका लाभ मिल चुका है। योजना का लाभ लेने के लिये टीकाकरण कार्ड, आधार कार्ड, बैंक,पोस्ट आफिस की पासबुक, शिशु का जन्म प्रमाण पत्र होना आवश्यक है। योजना का लाभ लेने के लिये गर्भवती महिलाएं अपने निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर सम्पर्क कर सकती हैं। योजना का प्रचार प्रसार कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
ताकि गर्भवती महिलाएं स्वस्थ्य बच्चा पैदा करें
धन व जागरूकता के अभाव में अधिकतर गर्भवती महिलाएं बेहतर पोषण से वंचित रह जाती हैं। ऐसे लोगों के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की शुरूआत 1 जनवरी, 2017 को की थी। इस योजना से महिलाओं को समय पर उचित पोषण तो मिलेगा ही साथ ही कुपोषण के कारण शिशु मृत्यु दर में भी कमी आएगी।













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