देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। मानिक चैक स्थित मन्दिर में वाराह नवमी के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। ठाकुर जी का दिव्य पञ्चामृत अभिषेक कराकर उन्हें अलौकिक श्रृंगार धारण कराए गए। शाम को फूल बंगला सजाया गया। अपने आराध्य की झलक पाने को भक्त भी लालायित दिखे।
मंगलवार प्रातः सर्वप्रथम विविध वैदिक सूक्तों से दिव्य जयघोष के साथ श्रीप्रभु का क्रमशः दूध, दही, घी, शर्करा व शहद से पंचामृत अभिषेक कराया गया। इसके बाद श्रृंगार दर्शन के अंतर्गत वाराह भगवान को धोती उपरना वस्त्रादि व माला धारण कराए गए। भूस्वामिनीजी को साड़ी, अंगिया व ओढ़नी धराई गई। शाम को मन्दिर को सुगन्धित फूलों से सजाया गया। श्रीप्रभु ने फूल बंगले में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए। कार्यक्रम में नेता कुंवर नरेंद्र सिंह, समाजसेवी पंकज शर्मा आदि ने भी भाग लिया।
भक्त सर्वेश शर्मा एडवोकेट ने बताया कि इस पौराणिक मन्दिर की महत्वता विविध पुराणों में भी समाहित है। बताया कि ग्रह जनित उत्पात, मुकदमा, वैरी निग्रह, समस्त ग्रह नक्षत्र पीड़ा शांति, अखण्ड लक्ष्मी प्राप्ति, भूमि विवाद, संतान आदि से छुटकारा वाराह भगवान में अभीष्ट चिंतन से सहज संभव है।













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