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असम: वन नेशन-वन राशन कार्ड योजना आज से लागू, 2.50 करोड़ से ज्यादा परिवार होंगे लाभान्वित

असम में सोमवार 23 अगस्त से वन नेशन वन राशन कार्ड योजना लागू होगी। राज्य के खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रंजीत कुमार ने कहा कि इस योजना के तहत राज्य में 2 करोड़, 50 लाख से अधिक नागरिक लाभान्वित होंगे। इस दौरान राज्य मंत्री ने लाभार्थियों को उनके राशन कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ने का आग्रह किया। जानकारी के लिए बता दें कि राज्य में अबतक 10.7% लाभार्थियों और 28.3% राशन कार्डों को आधार कार्ड से जोड़ने का काम पूरा हो पाया है। हालांकि राज्य के सभी 2.50 करोड़ राशन कार्डों के डिजिटलीकरण का कार्य पूरा हो चुका है।

राज्य के खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रधान सचिव बिश्वरंजन सामल ने कहा कि इस योजना के तहत उचित मूल्य की सभी दुकानों को अगले तीन-चार महीनों में आवश्यक ई-पीओएस मशीनें उपलब्ध करा दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि दस हजार उचित मूल्य की दुकानों को अगले माह तक मशीनें दी जाएंगी और बाकी को भी जल्द ही दी जाएंगी। जानकारी के लिए बता दें कई असम में कुल 33,987 उचित मूल्य की दुकानें हैं और 58 लाख से भी अधिक परिवारों के कुल 2 करोड़ 51 लाख लाभार्थियों को इस योजना से जोड़ा गया है।

क्या है वन नेशन-वन राशन कार्ड योजना

केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत वर्ष 2019 में देशभर में वन नेशन-वन राशन कार्ड योजना लागू की थी, जिसके तहत राशन कार्ड धारक देश में कहीं से भी उचित मूल्य की दुकानों से राशन ले सकता है। यह योजना बायोमैट्रिक सिस्टम पर आधारित है, जिसके तहत राशन कार्ड धारक की पहचान उसकी आंख और हाथ के अंगूठे से होती है। केंद्र सरकार की इस योजना से वर्तमान में देश के 32 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश लाभान्वित हो रहे हैं। वर्तमान समय में देशभर में लगभग 5.25 लाख राशन की दुकानें उपलब्ध हैं।

योजना को सुचारु रूप से चलने लिए सरकार ने दो वेब पोर्टल भी बनाए हैं।

1) इस योजना में पहला प्लेटफार्म “इंटिग्रेटेड मैनेजमेंट ऑफ पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम पोर्टल” राशन कार्ड है, जो अंतरराज्यीय पोर्टेबिलिटी के लिए तकनीकी प्लेटफॉर्म मुहैया कराता है, ताकि प्रवासी मजदूर/राशन कार्ड धारक देश की किसी भी उचित मूल्य की दुकान से राशन ले सके।

2) वहीं दूसरा पोर्टल है annavitran.nic.in. जहां एक राज्य के अंदर ही ई-पीओएस उपकरणों की मदद से वितरित किए गए अनाज का डेटा देखा जा सकता है। यह पोर्टल नागरिकों को एक ही राज्य के अंदर किसी अन्य जिले से (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) पीडीएस का लाभ लेने में मदद करता है।

नारद संवाद

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