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नई दिल्ली । आम बजट इस बार 1 फरवरी को ही पेश होगा। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सरकार की सिफारिश पर मुहर लगा दी है। पहले दिन राष्ट्रपति राज्य सभा और लोकसभा दोनों सदनों को संबोधित करेंगे। इसके बाद 31 जनवरी को बजट सत्र की शुरूआत होगी। आम बजट के साथ ही रेल बजट भी पेश होगा। रेल बजट अलग से पेश नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि आम बजट को लेकर विपक्ष ने चुनाव आयोग और राष्ट्रपति के समक्ष विरोध दर्ज कराया था। चुनाव आयोग ने विपक्ष के विरोध पर सरकार से अपना रुख साफ करने के लिए कहा है। विपक्ष ने राष्ट्रपति से भी गुहार लगाई थी कि आम बजट को चुनावों के बाद लाया जाए। जबकि केन्द्र सरकार 1 फरवरी को बजट पेश करना चाहती है।
राष्ट्रपति ने केन्द्र सरकार की सिफारिश पर मुहर लगा दी है। अब स्पष्ट हो गया है कि बजट 1 फरवरी को ही पेश किया जाएगा। ज्ञातव्य है कि विपक्ष का कहना है कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के ठीक पहले बजट पेश करके सरकार लुभावनी घोषणाओं से मतदाताओं को रिझाने की कोशिश कर सकती है। वहीं सरकार का कहना है कि बजट का चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है। एक फरवरी को बजट पेश करने से एक अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष में नये प्रावधानों को अमल में लाया जा सकेगा। बजट सत्र का पहला चरण 31 जनवरी से 9 फरवरी तक होगा।
31 जनवरी को ही आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया जाएगा। 1 फरवरी को आम बजट पेश किया जाएगा। बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से 12 अप्रैल तक होगा।
साभार-khaskhabar.com













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