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MATHURA : अब ब्रज के उत्सवों की मचेगी धूम

मथुरा। दीपावली के बाद ब्रज के अपने उत्सवों की धूम मचने जा रही है। वह उत्सव जो ब्रज की पहचान हैं और ब्रजवासी ही इन उत्सवों को ज्यादा धूमधाम से मनाते हैं। इस श्रंखला का आगाज शनिवार को कंसके हाथी कुबिलिया पीड के वध के साथ होगा। कुबिलियापीड हाथी वध महोत्सव ब्रज के प्रमुख उत्सवों में से एक है और यह ब्रज में ही प्रमुखता से मनाया जाता है। इसके बाद गौचारण लीला, नवमी परिक्रमा, कंसवध मेला, देव उठान एकादशी जैसे त्यौहार भी एक के बाद एक आने वाले हैं। जिन्हें ब्रजवासी उतने ही उत्साह और उमंग के साथ मनाते हैं जैसे होली और दिवाली मनाई जाती हैं।
कुबलियापीड़ हाथी वध महोत्सव समिति के तत्वावधान में कार्तिक शुक्ल पक्ष की छट को आयोजित होने वाले हाथी वध महोत्सव की तैयारी पूर्ण हो चुकी हैं। नगर में स्वागत व तोरण द्वार सजाये गये है। विद्युत सजावट से शोभायात्रा मार्ग एवं हाथी वध स्थल को आकर्षक रूप से सजाया जा चुका है। शनिवार को सायं पांच बजे स्वामीघाट से श्रीकृष्ण बलराम की विशाल शोभायात्रा विभिन्न कलात्मक झांयांकियां काली अखाड़ों एवं बैण्ड बाजों के साथ प्रारम्भ होकर चैक बाजार, मण्डीरामदास, डीग गेट होती हुयी श्री कृष्ण जन्मस्थान के निकट मल्लपुरा में हाथी वध स्थल पहुंचेगी। वहां हाथी वध की लीला होगी। समिति के मार्गदर्शक राजनारायण गौड़, राजीव षर्मा, अध्यक्ष रमाकांत
गोस्वामी, महामंत्री पं.शशांक पाठक, मेला संयोजक निमाई पण्डित, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय पिपरोनिया, अनुराग पाठक, पंकज शर्मा, समिति प्रवक्ता पं. अमित भारद्वाज, अभिषेक शर्मा, उमेश चन्द सोनी, अजय सैनी सर्राफ, विपिन, अर्जुन पण्डित, आनन्द शर्मा, अशीष शर्मा, मोहित अग्रवाल, दाऊदयाल शर्मा, बन्टी गोला, बलराम आचार्य ने जनमानस से महोत्सव में पधारने का अनुरोध किया है।

 

नारद संवाद

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