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MATHURA : अब आधार नम्बर आधारित बनेंगे पास

मथुरा। मंडी समिति में भीड उमडेगी, यह सब को अंदेशा था। अभी किसानों की आवाक इतनी नहीं है, फिर भी किसान शिकायत कर रहे हैं। दूसरी और फल और सब्जी मंडी में लाकडाउन का उल्लंघन लगातार हो रहा है। सब कुछ पुलिस के हवाले हैं। मंडी प्रशासन की ओर से की गई कवायद किसी काम की साबित नहीं हुई है। यहां तक कि रात को 12 बजे भी मंडी सज जाती है तो कभी तीन बजे भीड उमड पडती है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन तो दूर सामान्य नियम कायदे भी ताक पर रख दिये गये हैं। मंडी समिति की ओर से लाकडाउन में भीड को नियंत्रित करने के लिए पास जारी किये गये थे। यह सब दुकानदार और आढतियों के लिए थे। जब रात को 12 बजे मंडी सज गई और इस से मंडी प्रशासन पर सवाल उठे तो आनन फनन में जारी सभी पास निरस्त कर दिये गये।
रात में मंडी खुलने की घटना के बाद मंडी प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से सभी आढ़तिया, दुकानदारों और किसानों के जारी किए पास निरस्त कर दिए हैं। वहीं पुनः सभी के आधार नम्बर आधारित पास जारी किए जा रहे हैं। जिससे कि सम्बन्धित पास धारक की पहचान सुनिश्चत और आसान हो सके। इसके लिए पास धारक को आढ़तिया की संस्तुति भी करानी होगी। रविवार को विशेष रूप से अभियान चलाकर सभी आढ़त व्यवसाईयों के आधार नम्बर आधारित पास भी जारी कर दिए गए है। सिर्फ बाहर से आने वाले दुकानदान और किसानों आदि के पास बनना बाकी है।
मंडी सचिव सुनील कुमार शर्मा के मुताबिक सिटी मजिस्ट्रेट मनोज कुमार और जिलाधिकारी को रात में ही पूरे घटनाक्रम से अवगत करा दिया गया था। मंडी समिति सचिव के पास इस बात का कोई जबाव नहीं है कि पास जारी किये जाने के समय इस बात का अंदाजा उन्हें क्यों नहीं रहा कि जिस तरीके से पास जारी किये जा रहे हैं, ये पास ही मुशीबत बन जाएंगे। जब हालाता बेकाबू होने लगे तो पास निस्त कर नये पास जारी करने की बात कह दी गई।

सिस्टम ध्वस्त, सब कुछ पुलिस सम्हाले
मंडी समिति की नाकामी हो या किसी दूसरे निकाय की उन्हें पल्ला झाडने में देर नहीं लगती। फिर सब कुछ हो जाता है पुलिस के हवाले मंडी समिति के मामले में भी यही हो रहा है। पुलिस चैकी है यहां। मंडी समिति की पास व्यवस्था फेल होने के बाद स्थिति को सम्हालना, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना। अवैध लोगों को मंडी में घुसने से रोकना यह पुलिस की जिम्मेदारी है। पुलिस अपनी भूमिका भरपूर निभा रही है लोगों पर लाठी भी फटकार रही है, लेकिन जब सिस्टम ध्वस्त है तो यह सब उतना कारगर साबित नहीं हो पा रहा है।

 

नारद संवाद

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