देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रचना गुप्ता ने बताया कि जिले में डेंगू की रोकथाम, बचाव व नियंत्रण को स्वास्थ्य विभाग द्वारा एंटी लार्वा छिड़काव, सैनिटाइजेशन व फागिंग कार्य कराया जा रहा है।
साथ ही प्रत्येक सप्ताह में एक दिन घरों की साफ-सफाई, पानी को एक जगह एकत्र न होने देना, पक्षियों के पानी के बर्तन की साफ-सफाई एवं पूरे बांह के कपड़ों को पहनने के लिए आमजन को जागरूक किया जाए। जनपद में मिले 327 मरीजों में से 282 मरीज हुए ठीक हो चुके हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि इसके साथ ही आशा बहुओं को भी गांव की निगरानी पर लगा दिया गया है।
डॉ. भूदेव ने बताया कि आज सौ सैय्या से चार, जिला अस्पताल से दो तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र फरह से दो मरीज स्वस्थ्य होकर डिस्चार्ज हुआ है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि इसके साथ ही आशा बहुओं को भी गांव की निगरानी पर लगा दिया गया है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रचना गुप्ता ने अवगत कराया है कि जनपद में उत्तर प्रदेश शासन के गजट नोटिफिकेशन नम्बर 1288 नौ नवम्बर 2016 के बिन्दु संख्या 9 (1) एवं (2) के तहत मच्छर जनित स्थितियों को उत्पन्न करने के कारण शहर मे चार लोगों को नोटिस जारी करते हुए निर्देशित किया है कि मच्छर जनित स्थितियों को 24 घंटे के अन्दर भौतिक, रसायन, जैविक अथवा अन्य किसी माध्यम समाप्त करना सुनिश्चित करें। अन्यथा की स्थिति में आपके विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के अन्तर्गत कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
स्वास्थ्य विभाग मथुरा ने महेश चन्द्र जैन व लक्ष्मीलाल निवास गुरू नानक नगर, शकुंतला देवी तथा रश्तायक अहमद निवासी कठौती कुआ को नोटिस दिया है।
कैसे फैलता है डेंगू
एक मच्छर जनित वायरल संक्रमण है। जिसमें तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द, त्वचा पर चकत्ते आदि निकल आते हैं। यह मादा एडीज मच्छर के काटने से होता है। मादा एडीज एजिप्ट मनुष्य में डेंगू, चिकनगुनिया और पीला बुखार संचारित करती है। मादा एडीज सबसे अधिक दिन के समय काटती है।
बचाव के उपाय
- अपने आस-पास मच्छरों को न पनपने दें।
- दरवाजों व खिड़कियों पर जाली लगवाएं।
- मच्छरदानी का नियमित प्रयोग करें
- अनुपयोगी वस्तुओं में पानी इकट्ठा न होने दें।
- पानी की टंकी पूरी तरह से ढक कर रख दें।
- पूरी बाह के कपड़े पहनें।
- कूलर, गमले आदि को सप्ताह में एक बार खाली कर सुखाएं।
- गड्ढों में जहां पानी इकट्ठा हो, उसे मिट्टी से भर दें।













Related Items
योग के अंतर्राष्ट्रीय दिवस घोषित होते ही बदली परिस्थितियां
मच्छरों से ऐसे पाएं छुटकारा
गौ माता को देखने से भी होते हैं ग्रह अनुकूल, कुछ अनसुने तथ्य