देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreभोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में इस समय हनी ट्रैप मामला गरमाया हुआ है। देश के सबसे बड़े सैक्स स्कैंडल माने जा रहे इस मामले ने बड़े-बड़े लोगों का चैन छीनने के साथ उनकी नींदें उड़ा दी हैं। इंदौर नगर निगम के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर हरभजन सिंह की 3 करोड़ रुपए मांगने की शिकायत के बाद भोपाल और इंदौर पुलिस ने ब्लैकमेलिंग करने वाली पांच महिलाओं को गिरफ्तार किया था।
वे अफसरों और नेताओं के वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करती थीं। इस मामले में एक पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व राज्यपाल, पूर्व सांसद, भाजपा और कांग्रेस से जुड़े नेता और नौकरशाहों के फंसे होने की आशंका है। हालांकि फिलहाल किसी का नाम सामने नहीं आया है।
जांच अधिकारियों को आरोपियों से जब्त किए गए लैपटॉप और मोबाइल में करीब 4000 फाइलें मिल चुकी हैं और इनकी संख्या 5000 तक पहुंच सकती है। इन फाइलों में अश्लील चैट के स्क्रीनशॉट, अधिकारियों के अश्लील फुटेज, समझौता करने वाले अधिकारियों के वीडियो और ऑडियो क्लिप मिले हैं। क्लिप्स में कथित तौर पर नौकरशाह, मंत्री और पूर्व सांसद शामिल हैं।
इससे पहले बुधवार को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने जांच शुरू कर दी। जांच में ये भी सामने आया कि आरोपी भोपाल के मंहगे क्लबों में आती-जाती थीं। वहां उनके लिए कमरे बुक कराए जाते थे। इन क्लबों के चेक-इन रजिस्टर गायब हैं और उन रिकॉर्डों में भी हेरफेर करने की कोशिश हो रही है जिनमें इनकी फोटो हैं।
इस बीच गिरफ्तार हुई एक आरोपी 18 वर्षीय मोनिका यादव सरकारी गवाह बनने के लिए राजी हो गई है। अब वह मुख्य गवाह होगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस गैंग को श्वेता जैन चला रही थी। ऐसे में पुलिस मान रही है कि मोनिका के सरकारी गवाह बनने से यह बात सामने आएगी कि श्वेता ने किस तरह से ऑपरेशन को अंजाम दिया।
साभार-khaskhabar.com













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