देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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नई दिल्ली/मंदसौर । मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान हिंसा रोकने का भरसक प्रयास कर रही है, मगर हालात पर अब तक काबू नहीं पाया जा रहा है। बुधवार को हालात और भी गंभीर हो गए जब हिंसा की आग राज्य के अन्य हिस्सों में फैलने लगी। मंगलवार को मंदसौर जिले में प्रदर्शन के दौरान 5 किसानों की गोली लगने से मौत के बाद तनाव बेहद बढ़ गया है।
शिवराज सिंह चौहान ने ट्विटर के जरिए किसानों ने शांति की अपील की है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हालात के बारे में एक बैठक की। जिसके बाद केंद्र सरकार की ओर से पैरामिलिट्री फोर्सेज की 10 बटालियन मध्य प्रदेश भेजी गई हैं। गृहमंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, कृषि मंत्री राधामोहन सिंह समेत कई वरिष्ठ मंत्री इस बैठक में शामिल हुए।
किसानों ने बुधवार को देवास में हाट पिपलिया थाने पर धावा बोल दिया और वहां खड़े जब्ती के वाहनों को आग लगा दी। किसानों ने भोपाल-इंदौर के बीच चलने वाली दो बसों सहित 10 से अधिक वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, किसान जुलूस के रूप में हाट पिपलिया थाने पहुंचे, जहां उन्होंने उपद्रव मचाया और परिसर में रखे जब्ती के वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद आंदोलनकारी किसान नेवली फाटा की ओर बढ़े, जहां उन्होंने वाहनों में तोड़फोड़ की।
पुलिस ने कहा कि इस दौरान किसानों ने वहां से गुजर रही दो यात्री बसों को रोककर उनमें आग लगा दी। लेकिन इस घटना में कोई यात्री हताहत नहीं हुआ है। इसके अतिरिक्त आंदोलनकारियों ने वहां से गुजर रहे 10 से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया और पथराव भी किया।
मंदसौर शहर व पिपलिया मंडी में लागू कर्फ्यू बुधवार को भी जारी है। गोलीबारी में मारे गए लोगों के परिजनों और किसानों ने बरखेड़ा पंत पर चक्काजाम कर दिया है। दूसरी ओर राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ और कांग्रेस ने भी बंद का आह्वान किया है, जिसके कारण कई स्थानों पर सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
मंदसौर में पांच किसानों की मौत के बाद गुस्से में किसान, धक्का-मुक्की के बाद डीएम को भागना पड़ा। दरअसल, मंदसौर के पिपलियामंडी में पुलिस फायरिंग में 5 किसानों की मौत के बाद हालात बिगड़ते जा रहे हैं। बुधवार को किसानों को समझाने के लिए डीएम पहुंचे तो किसानों का गुस्सा उन पर ही फूट पड़ा। उनके साथ धक्का-मुक्की हुई, जिसके चलते उन्हें तुरंत वहां से भागना पड़ा। उधर, किसान आंदोलन के चलते रतलाम-नीमच लाइन पर असर पड़ा है. रतलाम-नीमच लाइन पर पटरियों को नुक़सान पहुंचाया गया. यहां पर ट्रेनें रोकी गईं.
शिवराज सिंह चौहान की अपील
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर हिंसा भडक़ाने का आरोप लगाया है और साथ ही जनता से अपील की है कि शांति बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें। इधर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान और मंत्री गौरीशंकर बिसेन को प्रशासन ने मंदसौर पहुंचने से पहले ही रोक लिया। मंदसौर से सांसद रह चुकीं कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन भी पीडि़त परिवारों से मिलने जा रही थीं, उन्हें भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। किसानों की मौत के विरोध में किसान संगठनों और कांग्रेस ने आज मध्य प्रदेश में बंद बुलाया है. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी गुरुवार को मंदसौर जाएंगे।
मंदसौर में लगा है कफ्र्यू, इंटरनेट पर बैन
मंदसौर की पिपलियामंडी में कफ्र्यू लगा है, जबकि रतलाम, नीमच जिले में मोबाइल इंटरनेट पर रोक लगा दी गई है ताकि अफवाहों से बचा जा सके। पूरे मंदसौर जिले में धारा 144 लगाई गई है। कड़ी सुरक्षा तैनात की गई है। इधर पीडि़त परिवार मुख्यमंत्री के आने तक अंतिम संस्कार न करने की जि़द पर अड़ा है।
कांग्रेस का सरकार पर हमला
किसानों पर पुलिस फायरिंग के मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला है। कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा कि पैसों की बोली लगाई जा रही है, यह शर्मनाक है। कमलनाथ ने कहा कि शिवराज सिंह को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफआ देना चाहिए। कमलनाथ ने कहा कि इस मामले पर राजनीति भाजपा कर रही है। राहुल गांधी किसानों के बीच जाकर उनका दुख बांटना चाहते थे, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई।
साभार-khaskhabar.com













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