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दिल्ली-एनसीआर से आते हैं सबसे अधिक श्रद्धालु

मथुरा। मथुरा वृंदावन सहित दूसरे प्रमुख तीर्थ स्थलों पर अधिकतर श्रद्धालु दिल्ली, एनसीआर से आते हैं। आगरा और भरतुपर सहित एनसीआर और दिल्ली कोरोना के लिए हाॅटस्पाॅट बना हुआ है। अगर यहां से श्रद्धालु आते हैं तो इस बात की संभावना बढ जाती है कि मथुरा में कोरोना के मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि होगी। जिला प्रशासन भी इस बात की गंभीरता को समझ रहा है।

जिला प्रशासन ने मंदिर खोलने या न खोलने का फैसला मंदिर प्रबंधन पर छोड दिया है। जिला अधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. गौरव ग्रोवर मंदिर सेवायतों एवं प्रबंधन से जुडो लोगों के साथ हुई बैठक में कहा कि यह आपका निर्णय है और अपनी व्यवस्था अनुसार जो उचित लगे वह जनता की भलाई के लिए करें तथा इसी क्रम में कुछ मंदिरों ने सुझाव दिए की मंदिर खोले जाएंगे जिसमें यदि कोई रिसीवर पुजारी या मंदिर का अन्य सदस्य पॉजिटिव आ जाता है तो मंदिर की सेवाएं जारी रहें जिस पर जिला अधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हम लोग मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार ही चलेंगे और ऐसा निर्णय नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि अगर कोई पॉजिटिव निकलता है तो प्रोटोकॉल के अनुसार संबंधित क्षेत्र को सील किया जाएगा।

कुछ मंदिर वालों ने अपने सुझाव दिए हैं की भरतपुर, आगरा, नोएडा, अलीगढ़, एनसीआर दिल्ली आदि क्षेत्रों में कोरोना पॉजिटिव के केस बहुत है और कहा कि यहां से आने वाले व्यक्तियों को या श्रद्धालुओं को रोकने की व्यवस्था की जाए। इसी क्रम में जन्मभूमि एवं द्वारकाधीश के प्रबंधक ने कहा कि हम लोग श्रद्धालुओं में भेदभाव नहीं कर सकते हैं और बांके बिहारी मंदिर के पुजारी ने बताया कि श्री बांके बिहारी जी के दर्शन सोशल मीडिया पर लाइव दिखाई जाते हैं। अब यह जिला प्रशासन को तय करना है कि इन क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं को कैसे रोका जा सकता है।

अगर बाहर से श्रद्धालु नहीं आते हैं तो स्थानीय दुकानदारों और मंदिर से जुडे लोगों के लिए आर्थिकरूप से स्थिति ज्यादा बेहतर नहीं होने वाली ऐसे में वह तमाम तरह की बाध्यताओं के बीच मंदिर खोने में शायद ही रूचि दिखाएं। यही वजह है कि कई मंदिरों को उनके प्रबंधन तंत्र ने अभी नहीं खोलने का फैसला लिया है।

कई बडे मंदिर अभी नहीं खुलेंगे


हालातों को देखते हुए कई बडे मंदिरों के प्रबंधनतंत्र ने अभी मंदिरों को बंद रखने का फैसला लिया है। प्रियाकंतजू मंदिर 30 जून तक बंद रहेगा। इस्कान मंदिर, प्रेम मंदिर को खोलने को लेकर भी अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। जबकि प्राचीन मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्मस्थान, द्वारकाधीश, ठ.बांकेबिहारी मंदिर को खोलने का फैसला किया गया है।

 

नारद संवाद

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