देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreकोविड की दूसरी लहर के बीच देश में ऑक्सीजन की बढ़ती मांग को देखते हुए अनेक ऑक्सीजन संयंत्र, बड़ी मात्रा में ऑक्सीजन उत्पादन कर रहे हैं। केंद्र सरकार इन संयंत्रों को सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध करवा रही है। इसी क्रम में विद्युत मंत्रालय ने देश के विभिन्न ऑक्सीजन संयंत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाएं हैं,जिससे ऑक्सीजन उत्पादन की प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित होती रहे।
देश के 70 से अधिक ऑक्सीजन संयंत्रों में विद्युत आपूर्ति की निगरानी
विद्युत मंत्रालय, देश के 70 से अधिक ऑक्सीजन संयंत्रों में निर्बाध ऑक्सीजन आपूर्ति की निगरानी कर रहा है। प्रतिदिन विद्युत मंत्रालय के सचिव, विभिन्न राज्यों के ऊर्जा सचिवों के साथ मिलकर समीक्षा बैठक करते हैं। समीक्षा के दौरान, बिजली आपूर्ति से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की जाती है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा सहायता प्राप्त राज्य डिस्कॉम के माध्यम से समयबद्ध तरीके से सुधार की योजना बनाई जाती है और इसे क्रियान्वित किया जाता है।
ऑपरेशन रूम का किया जा रहा संचालन
विद्युत मंत्रालय द्वारा 24 घंटे ऑक्सीजन प्लांट कंट्रोल रूम (OPCR) का संचालन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त एक आंतरिक नियंत्रण समूह की स्थापना की गई है।नियंत्रण समूह में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। संयंत्र के संचालक 24 घण्टे बिजली आपूर्ति में कोई समस्या आने पर नोडल अधिकारियों से सीधे संपर्क रख सकेंगे। विद्युत आपूर्ति में कहीं भी बाधा आने पर विद्युत विभाग द्वारा तत्काल समाधान किया जाएगा।
विद्युत स्टेशनों को रखरखाव के दिए गए निर्देश
मंत्रालय ने विद्युत स्टेशनों को उचित रखरखाव के निर्देश दिए हैं। तकनीकी ऑडिट भी किया जा रहा है। बिजली आपूर्ति कर रहे स्टेशनों को जरूरी सुधार कैसे किए जाएं यह भी बताया जा रहा है। विद्युत मंत्रालय राज्यों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित कर रहा है कि ऑक्सीजन प्लांट में विद्युत आपूर्ति करने में कोई बाधा न आए ताकि अधिकाधिक मात्रा में ऑक्सीजन का उत्पादन होता रहे।













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