देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के जनपद में कोरोना संकट काल का तीन माह का बिजली का बिल मांफ किये जाने की मांग जोर पकड रही है। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, रालोद, भारतीय किसान यूनियन, जन सहयोग समूह आदि राजनीतिक और गैर राजनीतिक संगठन आंदोलनरत हैं।
जनपद में करीब 45 करोड का बिजली का बिल हर महीने जमा होता है। 75 प्रतिशत उपभोक्ता नियमित रूप से बिल जमा करते हैं। लाॅकडाउन के दौरान करीब 20 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने ही बिल जाम किया है। जबकि ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं ने बिल जमा ही नहीं किया है। विभाग के अनुशार ग्रामीण क्षेत्र में दो प्रतिशत उपभोक्ताओं ने ही बिल जमा किया है।
मंगलवार को राष्ट्रीय लोकदल जिलाध्यक्ष रामरसरसपाल पौनियां के नेतृत्व रालोद कार्यकर्ता राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। ज्ञापन में मांग की गई है कि उत्तर प्रदेश के सभी वर्गों के किसानों को तत्काल प्रभाव से किसानों को राहत पैकेज के रूप में बीस हजार रुपये प्रति किसान दिये जाएं। किसानों के ट्यूबेल बिल व घरेलू बिजली बिल तीन माह तक पूर्णतः माफ किये जाएं तथा शिक्षण संस्थानों की छह माह की पूर्णतः स्कूल फीस माफ की जाए आदि मुद्दों को उठाया गया है।
इस दौरान कु. नरेंद्र सिंह, अनूप चैधरी, डॉ अशोक अग्रवाल, राजपाल सिंह भरंगर, ठा अतुल सिसौदिया, ठा यदुवीर सिसौदिया, दिलीप चैधरी, विवेक देशवार, शीशपाल प्रधान, धर्मवीर नौहवार, हरवीर चैधरी, मोतीराम बौद्ध, तेजपाल सिंह तोमर, तौफीक आढ़ती, गौरव मलिक, सतीश चैधरी, सीएम चैधरी, नारायण सिंह विप्लवी, लक्ष्मण सिंह, विकास गोधर, रामवीर फौजदार आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
दूसरी ओर भारतीय किसान यूनियन किसानों के मुद्दों को लगातार उठा रही है। भाकियू महानगर इकाई ने तीन माह के बिजली बिल मांफ किये जाने को लेकर प्रदेर्शन किया।













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