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पांच हजार से अधिक आबादी वाले गावों में कैंप करेगी मेडिकल टीम

मथुरा। एक अप्रैल से 17 मई तक मथुरा जनपद में मांट और गोवर्धन तहसील मंे सबसे ज्यादा कोरोना मरीज मिले हैं। देहात में मई महीने में कोरोना का प्रसार बेहद तेजी से हुआ। इसके लिए त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को भी बडी वजह के तौर पर देखा जा रहा है। 29 अप्रैल को मथुरा जनपद में मतदान हुआ। दो मई को मतगणना हुई थी। मथुरा जनपद में मंगलवार तक कोरोना के कुल 2149 सक्रिय मरीज थे। अब तक कोविड-19 के कुल 19714 में से 17306 मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हो गये हैं। कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट बढ कर 87.78 हो गया है। पछले 24 घंटे में 303 मरीज स्वस्थ्य हुए। 223 नये कोरोना पाॅजिटिव मरीज निकले हैं।


नोडल अधिकारी प्रभारी एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण मयूर महेश्वरी ने कलेक्टेªट सभागार में कोविड-19 की रोकथाम हेतु आरआरटी के नोडल अधिकारियों के साथ बैठक लेते हुए निर्देश दिये कि प्रत्येक मरीज को मेडिकल किट उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कोविड-19 के केसों की जानकारी ली। जिस पर सर्विसलांस अधिकारी डाॅ. मुनीष पौरूष ने जानकारी दी कि विगत एक अप्रैल से 17 मई तक मांट एवं गोवर्धत तहसील में सबसे अधिक केस निकलें हैं।


श्री महेश्वरी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सैम्पलिंग करने वाली टीम प्रत्येक मरीज के साथ-साथ उनके परिवार वालों को भी मेडिकल किट उपलब्ध करायेंगे और पाॅजिटिव व्यक्ति के एरिया पर निगरानी समिति द्वारा सख्त निगरानी रखी जाये। उन्होंने निर्देश दिये कि जनपद मथुरा में कोविड-19 की सैम्पलिंग बढ़ायें और केस निलकने वाले कन्टेन्मेंट क्षेत्र को सील्ड करने की कार्यवाही शीघ्रता से की जाये।


नोडल अधिकारी ने ब्लाॅक, नगर पंचायत, ग्राम तथा ग्राम पंचायत स्तर पर निगरानी समितियों को निर्देश दिये कि ज्यादा केस निकलने वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर लिया जाये और ऐसे क्षेत्रों में सेनेटाइजेशन, साफ-सफाई, सैम्पलिंग, मेडिकल किट, कन्टेन्मेंट जोन आदि का विशेष रूप से ध्यान रखा जाये तथा शीघ्रता के साथ कार्यवाही भी की जाये।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक दिन इन क्षेत्रों की माॅनीटरिंग करते रहें। उन्होंने कहा कि कोरोना से मरने वाले प्रत्येक स्तर पर व्यक्तियों की आॅडिट की जाये। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वास्थ्य केन्द्र पर टेस्टिंग बढ़ायी जाये।बैठक में जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने कन्ट्रोल रूप प्रभारी डाॅ. आलोक कुमार से जानकारी ली कि आॅक्सीजन आॅन व्हील्स योजना के अन्तर्गत प्रातः आठ से बजे अपरान्ह दो बजे तक कितनी काॅल्स आयी हैं। जिस पर डाॅ. आलोक ने बताया कि आठ काॅल्स प्राप्त हुई हैं, जिस पर आरआरटी टीम ने सभी से सम्पर्क किया और पांच व्यक्तियों को आॅक्सीजन सिलेण्डर उपलब्ध कराया तथा शेष तीन का एसपी ओटू लेबल 95 प्रतिशत से ऊपर था। उन्होंने आरआरटी टीम एवं निगरानी समितियों के नोडल अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये हैं कि अपने कार्यों में तेजी लायें और सक्रियता के साथ कोरोना संक्रमण रोकने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। इस अवसर नगर आयुक्त अनुनय झा, मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. रचना गुप्ता, उप जिलाधिकारी सदर क्रान्तिशेखर सिंह, गोवर्धन राहुल यादव, महावन कृष्णानन्द तिवारी, मांट श्याम अवध चैहान सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।

प्रतिदन तैयार की जाएं पांच हजार किट


मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रत्येक दिन पांच हजार मेडिकल किट तैयार करें और आवश्यकतानुसार उनका वितरण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि आरआरटी एवं निगरानी समितियों के कार्यों की जानकारी लेते रहें और प्रतिदन मरीजों के हालचाल जानें। उन्होंने जिला पंचायतराज अधिकारी को सख्त निर्देश दिये कि प्रत्येक ग्राम में साफ-सफाई तथा सेनेटाइजेशन के साथ-साथ मेडिकल किट वितरण कराना सुनिश्चित करेंगे और स्वयं प्रतिदिन की कार्यवाही से अधोहस्ताक्षरी अवगत कराना सुनिश्चित करेंगे।

पांच हजार से अधिक आबादी वाले गावों में कैंप करेगी मेडिकल टीम


श्री महेश्वरी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रत्येक ग्राम जिसकी आबादी लगभग पांच हजार से अधिक है, उस गांव पर एक डाॅक्टर की टीम कैम्प लगाकर टेस्टिंग, सैम्पलिंग और मेडिकल किट वितरण करेगी। उन्होंने कहा कि मेडिकल किट तैयार करने के लिए लेखपाल एवं अमीनों का सहयोग लिया जाये। उन्होंने डीपीआरओ व जिला पूर्ति अधिकारी से कहा कि कोटेदार तथा ग्राम प्रधानों से गांव का फीडबैक लेते रहें, जिससे पता चलने पर शीघ्र कार्यवाही की जा सके।

नारद संवाद

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