देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। 1897 में बने महामारी अधिनियम के तहत जनपद में पहली कार्यवाही आप के विरूद्ध हो सकती है। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश महामारी कोविड-19 और आईपीसी की संगीन धाराएं भी जुडंेगी, लेकिन जिला प्रशासन को सहयोग कर जारी गाइडलान का पालन करते हुए आप इस कार्यवाही से न सिर्फ बच सकते हैं बल्कि सैकडों हजारों लोगों को कोरोन वाइरस से संक्रमित होने से भी बचा सकते हैं। सीएमओ मथुरा डा. शेर सिंह ने गाइड लाइन जारी करते हुए इसके पालन की अपील की है। वर्तमान में पूरे प्रदेश में कोरोना वायरस के सक्रमण की विभीषिका को रोकने के उद्देश्य से लाकडाउन किया गया है। इस संक्रमण से बचाव के लिए संक्रमित व्यक्ति को चिन्हित करना, चिकित्सकीय परीक्षण और उपचार आवश्यक है। इसमें थोडी सी भी लापरवाही होने पर इसका संक्रमण अत्यंत तीव्र गति से फैलता है। संक्रमित व्यक्ति से कोरोना वायरस परिवार, समाज एवं कार्यस्थल पर साथ काम करने वाले व्यक्तियों में अत्यंत तीव्रता से फैलता है। संपर्क में आये लोग भी गंभीररूप से बीमार पड सकते हैं। बीमारी से मृत्यु तक होने की संभावना बनी रहती है। कोरोना से संक्रमित व्यक्ति या वह सभी व्यक्ति तो कोरोना संक्रतिम के करीब आए हैं या वह जो निजामुद्दीन दिल्ली तबलीगी जमात सम्मेलन में शामिल हुए या शामिल होने वालों के संपर्क में आये हों या वह जिनको किसी भी प्रकार से संक्रमण की संभावना हो वह स्वेच्छा से बिना किसी देरी अथवा लापरवाही के 24 घंटे के अंदर अपनी चिकित्सकीय जांच के लिए सीएमओ मथुरा को सूचित कर सकते हैं या प्रस्तुत हो सकते हैं। ऐसा नहीं करने वालों के विरूद्ध महामारी अधिनियम 1897, उत्तर प्रदेश महामारी कोविड-19 एवं आईपीसी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की जाएगी।
सरकार रिस्क लेने के मूड में नहींः प्रमुख सचिव
प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार एक दूसरे से फैलने वाले कोरोना वायरस के प्रति सरकार गंभीर है वह किसी भी प्रकार की रिस्क लेने के मूड़ में नहीं है। जिसको लेकर किसी व्यक्ति द्वारा जमात में शामिल लोगों से अगर संपर्क हुआ है या फिर वह जामत में शामिल हुआ है तथा संक्रमित व्यक्ति से मुलाकात की है तो उसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दें, अन्यथा की स्थिति में जानकारी न देने वाले एवं स्वयं पीड़ित कोविड-19 के व्यक्ति के खिलाफ महामारी अधिनियम 1897 की धारा(2), (3), (4) एवं उत्तर प्रदेश महामारी कोविड-19 विनियमावली, 2020 के प्रावधानों का उल्लंधन है, तथा ऐसे व्यक्तियों के विरूद्ध उक्त अधिनियम एवं विनियमावली के संगत प्राविधानों के अंतर्गत कठोर कार्यवाही की जाएगी।













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