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लोन गारंटी स्कीम: 50 हजार करोड़ रु. की इस स्कीम से होगा देश का हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत

कोरोना महामारी के चलते देश में हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को बूस्ट देने के लिए आए दिन नए कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे ही कुछ समय पहले केंद्र सरकार द्वारा 50,000 करोड़ रुपए की लोन गारंटी स्कीम की घोषणा की गयी है। इस योजना के तहत सरकार कंपनियों को नए अस्पताल बनाने के साथ-साथ मेडिकल सप्लाई के लिए क्रेडिट पर फंड्स मुहैया कराएगी और सबसे खास बात कि सरकार इन कंपनियों की गारंटर खुद बनेगी। इस क्रेडिट इन्सेंटिव के जरिये छोटे शहरों में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्टर को मजबूत बनाया जायेगा।

हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए लाई गई इस 50,000 करोड़ रुपए की लोन गारंटी स्कीम फॉर कोविड अफेक्टेड सेक्टर्स (एलजीएससीएएस) की आगे की स्ट्रेटेजी पर हाल ही में वेबिनार आयोजित करवाया गया। रिसर्जेंट इंडिया: नए भारत के लिए हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण, नाम के इस वेबिनार में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सभी हितधारकों से इस गारंटी योजना का जल्द से जल्द लाभ उठाने को कहा है।

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— INVEST INDIA (@INVESTINDIA) AUGUST 29, 2021

7.95% सस्ते ब्याज दर पर कराया जाता है ऋण उपलब्ध
देश में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए केंद्र सरकार द्वारा कोविड-19 प्रभावित क्षेत्रों के लिए लोन गारंटी योजना लाई गई है। ये योजना स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे से संबंधित नए प्रोजक्ट यानि ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के लिए और ब्राउनफील्ड प्रोजेक्टों के विस्तार के लिए बैंकों से लोन की गारंटी प्रदान करती है। इस योजना के तहत 7.95 प्रतिशत सस्ते ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है।

क्या है योजना का उद्देश्य?
दरअसल, इस योजना का उद्देश्य चिकित्सा बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। अनुमान है कि इससे देश को स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को हासिल करने और कोविड महामारी की दूसरी लहर के बाद रोजगार के अवसर प्रदान करने में मदद मिलेगी। यह देशभर में मेट्रो सिटीज से लेकर छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में भी जरूरी है।

किसे मिलेगा स्कीम का फायदा?
अब अगर स्कीम के फायदे की बात करें, तो वित्त मंत्रालय के अनुसार, लोन गारंटी स्कीम का फायदा अस्पताल, ऑक्‍सजीन सप्लायर्स, वैक्‍सीन इम्‍पोर्टर, कोरोना की दवा जैसी सुविधाओं के लिए कंपनियां उठा सकेंगी। बैंकों की तरफ से ये लोन प्रोयॉरिटी लेंडिंग के तौर पर जारी किया जाएगा। इसके साथ मेडिकल डिवाइस निर्माता, अस्‍पताल/डिस्‍पेंसरी, पैथ लैब्‍स, ऑक्‍सीजन व वेंटिलेटर्स के सप्‍लायर्स, वैक्‍सीन इम्‍पोर्टर्स, लॉजिस्टिक्‍स फर्म्‍स व कोविड का इलाज करा रहे मरीजों को भी इसका सीधा लाभ मिल सकेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इसे लेकर कहती हैं कि इस योजना की निगरानी वित्तीय सेवाओं के विभाग के जरिये साप्ताहिक आधार पर की जाएगी, इससे यह सुनिश्चित किया जायेगा कि इस योजना का फायदा जल्द से जल्द जमीनी स्तर तक पहुंचे।

कबतक लागू रहेगी स्कीम?
लोन गारंटी स्कीम 100 करोड़ रुपये तक के ऋण के लिए, ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट के लिए 50 प्रतिशत और ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के लिए 75 प्रतिशत की गारंटी प्रदान करती है, जिसे 8 मेट्रोपॉलिटन टियर-1 शहरों के अलावा शहरी या ग्रामीण इलाकों में स्थापित किया जा रहा हो। आकांक्षी जिलों के लिए ब्राउनफील्ड विस्तार और ग्रीनफील्ड परियोजनाओं, दोनों के लिए गारंटी कवर 75 प्रतिशत है। बता दें, यह योजना 31.03.2022 तक या स्वीकृत की गई 50 हजार करोड़ की राशि, सैंक्शन होने तक लागू रहेगी।

नारद संवाद

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