BREAKING NEWS

मीडियाभारती वेब सॉल्युशन अपने उपभोक्ताओं को कई तरह की इंटरनेट और मोबाइल मूल्य आधारित सेवाएं मुहैया कराता है। इनमें वेबसाइट डिजायनिंग, डेवलपिंग, वीपीएस, साझा होस्टिंग, डोमेन बुकिंग, बिजनेस मेल, दैनिक वेबसाइट अपडेशन, डेटा हैंडलिंग, वेब मार्केटिंग, वेब प्रमोशन तथा दूसरे मीडिया प्रकाशकों के लिए नियमित प्रकाशन सामग्री मुहैया कराना प्रमुख है- संपर्क करें - 0129-4036474

जानें, कैसे ''सुकन्या समृद्धि योजना'' से लॉकडाउन में भी सुरक्षित हो रहा कन्याओं का भविष्य

हमारे देश में बेटियों को देवी का स्वरूप तक माना जाता है। कई लोगों का मानना है कि बेटियां पृथ्वी पर ईश्वर का सबसे बड़ा उपहार हैं क्योंकि वे हैं तभी सृष्टि की निरंतरता है अन्यथा मनुष्य का अतिस्व ही नहीं है। इसके बावजूद भारत में गिरता लिंगानुपात हर वर्ग के लिए लगातार चिंता का विषय बना रहा है। हालांकि आज भी कई माता-पिता अपनी बेटियों के जन्म लेने के बाद से ही कई सपने बुनने लगते हैं। कुछ माता-पिता की इच्छा रहती है कि वह अपनी बेटी का विवाह धूमधाम से करें। वहीं कुछ ऐसे भी हैं, जो अपनी बेटी को बहुत अच्छी शिक्षा देना चाहते हैं क्योंकि उनका  मानना है कि ''पढ़ेगी बेटी तभी आगे बढ़ेगी बेटी''। लेकिन कई बार रुपयों की कमी ऐसे मां-बाप के सामने आ खड़ी होती है, जो उन्हें अपनी बेटी को अच्छा भविष्य देने से रोक देती है और यही वह बड़ा कारण है कि वे अपनी बच्ची को वह सुनहरा कल नहीं दे पाते, जिसका सपना उन्होंने देखा था। 
 
 
सुकन्या समृद्धि योजना बनी माता-पिता का सहारा
 
वास्तव में हर मां-बाप चाहते हैं कि उनकी बेटी के भविष्य को संवारने के लिए बहुत सा फंड इकट्ठा कर लिया जाए, ताकि आगे चलकर बेटी को किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो। वैसे महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरतों के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन उनमें भी लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की ''सुकन्या समृद्धि योजना'' अब तक कि अत्यधिक सफलतम योजना साबित हुई है । आज यह योजना  देश भर केमाता-पिता का सहारा बन रही है और हर कन्या का भविष्य सुरक्षित कर रही है। 
 
 
मध्य प्रदेश के लोगों में योजना को लेकर उत्साह
 
अच्छी बात यह है कि कोरोना के इस संकट के काल में भी अपनी बेटी के सुनहरे भविष्य के लिए माता-पिता इस योजना में बेटी के नाम उसके खाते में समय से रुपए जमा करा रहे हैं। देश में जहां कई राज्य इस योजना को गंभीरता से लेकर इस पर काम कर रहे हैं, वहीं केंद्र सरकार द्वारा बालिकाओं के लिए शुरू की गई, बहुचर्चित 'सुकन्या समृद्धि योजना' में मध्य प्रदेश ने आज देश के सभी राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। बेटी की पढ़ाई और उसके सुखद भविष्य को सुनिश्चित करने वाली इस महत्वाकांक्षी योजना से अब तक करीब साढ़े तीन लाख से अधिक परिवारों को जोड़ने में सफलता प्राप्त की है। इसी के साथ यह राज्य देश में इस योजना में अव्वल राज्यों में भी आ गया है। 
 
 
राज्य के इस जिले में हुआ है सर्वश्रेष्ठ कार्य 
 
राज्य के जिस जिले ने बेटियों के लिए विशेष कार्य किया है, वह मध्य प्रदेश का छोटा सा जिला कटनी है, जहां बेटी पढ़ेगी, बेटी बढ़ेगी, बेटी इतिहास गढ़ेगी के ध्येय को लेकर खास पहल की गई है। कटनी जिला प्रशासन के बेहतर प्रयासों से जिले ने सुकन्या समृद्धि योजना के क्रियान्वयन में सबसे अधिक सुकन्या खाते खोलकर प्रदेश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। यहां डाक विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने गांवों के हाट बाजारों और सरकारी मेला-प्रदर्शनियों में भी पहुंचकर लोगों को 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' की अहमियत समझाई है। 
 
 
योजना के प्रचार के लिए चलाया गया विशेष अभियान
 
महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों एवं मैदानी कार्यकर्ताओं द्वारा विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत जिले की पात्र बेटियों के नाम डाकघरों में भारतीय डाक विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टाफ के समन्वय से सुकन्या समृद्धि खाता खोलने की कार्यवाही की गई। 22 फरवरी से 31 मार्च 2021 तक चलाए गए व्यापक अभियान के सार्थक परिणाम सामने आये और जिले में 31 हजार 904 पात्र बेटियों के नाम से सुकन्या समृद्धि योजना के खाते खुल गए। कटनी जिले में खुले खातों की संख्या प्रदेश में नंबर एक पर है। 
 

40 दिनों में खोले गए 31 हजार से अधिक नए खाते
 
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग नयन सिंह बताती हैं कि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत अकाउंट खोलने के लिए जिले में कार्य योजना बनाकर कार्य किया गया, जिसके तहत 40 दिनों में ही 31 हजार 904 बालिकाओं के खाते खोले गये। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के उद्देश्य के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग का अमला इस काम में मुस्तैदी से जुटा। प्रत्येक बालिका का खाता 250 रुपये से खोला गया।
 
 
इस प्रकार होती हैं सुकन्याएं समृद्ध

Prasar Bharati News Service - PBNS
सुकन्या समृद्धि योजना 22 जनवरी 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आरंभ की गई । योजना के अंतर्गत बेटी के माता-पिता द्वारा बेटी के लिए बचत खाता किसी भी राष्ट्रीय बैंक में या फिर पोस्ट ऑफिस (डाकघर) में खोल सकते हैं । 'सुकन्या समृद्धि' बचत योजना में बेटी की उम्र 10 साल होने से पहले न्यूनतम 250 रुपये से 15 साल के लिए खाता खुलवाया जा सकता है। इसकी पॉलिसी 21 साल बाद मैच्योर होती है। 
 
 
कैसे करना है निवेश? 


इसमें 14 साल ही निवेश करना पड़ता है। इस योजना में निवेश का तीन गुना मुनाफा मिलता है। यह खाता देशभर में कहीं भी ट्रांसफर हो सकता है। योजना में अधिकतम डेढ़ लाख रुपये प्रतिवर्ष खाते में जमा कर सकते हैं। बेटी की उम्र 18 से 21 साल होने तक इसे जारी रख सकते हैं। पहले सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत 9.1 प्रतिशत की ब्याज दर थी, जो कि अब  7.6 फीसदी की ब्याज दर से ब्याज दिया जा रहा है। 
 
मान लीजिए कि अगर आप 14 साल तक 1.5 लाख रुपये (12,500 रुपये महीने) सालाना का निवेश करते हैं, तो 15वें साल में 40 लाख रुपये की राशि इसमें हो जाएगी,  इसके बाद 40 लाख रुपये अगर नहीं निकाला जाए, तो यह 21वें साल में  बढ़कर 65 लाख रुपये हो जाएगी,  जिसका आपकी बेटी अपने हिसाब से अपने सुनहरे भविष्य के लिए उपयोग कर सकती है। 

केंद्र सरकार की योजना होने की वजह से निवेश करने वालों के पैसों की पूरी सुरक्षा रहती है । अकाउंट में जमा किए गए पैसों पर इनकम टैक्स की धारा 80 सी के तहत छूट भी मिलती है। 
 
 
कोरोना काल में घर बैठे ऑनलाइन कर कर सकते पैसा जमा


अगर आपने अपनी बेटी का सुकन्या समृद्धि अकाउंट पहले ही खोल रखा है और कोरोना की वजह से आप पोस्ट ऑफिस या बैंक जाकर उसमें पैसे नहीं जमा कर पा रहे हैं, तो आपको अब बिल्कुल भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। अब आप ये काम घर बैठे ऑनलाइन कर कर सकते हैं। 
सुकन्या समृद्धि अकाउंट में पैसा जमा करने के लिए सबसे पहले अपने बैंक खाते से आईपीपीबी खाते में पैसे जोड़े। अब डीओपी प्रोडक्ट पर जाएं, यहां आपको सुकन्या समृद्धि खाता दिखाई देगा, उसे सेलेक्ट करें। अब अपना एसएसवाई अकाउंट नंबर और फिर डीओपी कस्टमर आईडी भरें। अब किस्त की अवधि और राशि चुनें। इसके बाद प्रोसेस पूरा करते ही पैसे सुकन्या समृद्धि खाते में चले जाएंगे। आईपीपीबी पोस्ट ऑफिस का मोबाइल एप्लीकेशन आप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं।इसी प्रकार से आपको बैंक की साइट पर जाकर प्रयास करने हैं। 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्वतंत्रता सेनानी पं. हुकम सिंह गौतम की पुण्यतिथि मनाई

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

पुरानी कहावत और नया भारत

Read More