देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ एकजुट हो रहे विपक्ष में दरार नजर आ रही है। मोदी के खिलाफ राफेल मुद्दे को कांग्रेस लगातार उठा रही है। उसको शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से झटका लग गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राफेल सौदे में पारदर्शिता बरती गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कोर्ट के निर्णय को सर्वोपरि बताते हुए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच की मांग को वापस ले लिया है। इसके बाद बीजेपी के खिलाफ लड़ाई लडऩे का दावा करने वाले विपक्ष के नेता अखिलेश के इस बयान से सारे हैरान हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने बताया कि मुझे लगता है कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय सर्वोपरि है। हमने जेपीसी की मांग उस समय की थी जब सुप्रीम कोर्ट का जिक्र नहीं था। ऐसी स्थिति में कोर्ट का निर्णय आ गया है, हर पहलू पर विचार कर रहे हैं।
हमारा मानना है कि भविष्य में सवाल करना हो वह सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है। इसी के साथ उन्होंने राफेल डील में जेपीसी की मांग से अपने आपको अलग कर लिया है।
उल्लेख है कि सर्वोच्च न्यायालय ने राफेल सौदे मामले पर अपने निर्णय में केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार को क्लीन चिट दे दी है। साथ ही कहा कि देश के लिए लड़ाकू विमान जरूरी है और उनके बगैर काम नहीं चलेगा। कोर्ट ने कहा कि उसे राफेल डील में कोई अनियमितता नजर नहीं आ रही है।
साभार-khaskhabar.com













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