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जम्मू-कश्मीर: महिलाओं की बढ़ी जिम्मेदारी, अब घर-घर बैंकिंग सुविधा कराएंगी उपलब्ध

अपने परिवार और घर को चलाने में एक महिला एक साथ कई जिम्मेदारियों को निभा रही होती है…फिर चाहे वो घर के अंदर का काम हो या घर के बाहर का। महिलाओं के इन्हीं खासियत और तजुर्बे का प्रयोग राज्य और देश के विकास में भी किया जाने लगा है।
जम्मू-कश्मीर के महिलाओं को भी कुछ ऐसी जिम्मेदारी देने के लिए ‘वन ग्राम पंचायत-वन डिजी-पे सखी‘ की शुरुआत की गई है। मगर इस योजना की खास बात ये है कि दूरदराज के गांव में रहने वाले लोगों को अब उनके घर पर भी बैंक से जुड़ी सभी सुविधाएं मिलेंगी। फिर चाहे पैसा जमा करना या निकालना। तो आइए जानते हैं क्या ये डिजी-पे सखी और किसे होगा इससे लाभ।

क्या है ‘वन ग्राम पंचायत-वन डिजी-पे सखी
जम्मू-कश्मीर के दूरदराज के इलाकों में घर-घर जाकर डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए जम्मू कश्मीर उद्यमिता विकास संस्थान पंपोर में ‘वन ग्राम पंचायत-वन डिजी-पे सखी‘ का शुभारंभ किया गया। इस मिशन के पहले चरण में 2 हजार गांवों में सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके लिए जम्मू और कश्मीर डिवीजन के स्वयं सहायता समूहों की 80 महिलाओं को “डिजी-पे सखियों के रूप में चुना गया है।

घर बैठे मिलेगी बैंकिंग सुविधा
जम्मू कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत इस योजना के लिए डिजी-पे सखियों को 80 आधार आधारित भुगतान प्रणाली बांटी गई। दरअसल, डिजी-पे सखी योजना के जरिए दूरदराज के गांव में रहने वाले लोगों के दरवाजे तक बैंकिंग सेवाओं ले जाने का उद्देश्य है। इसके जरिए पैसा जमा करने के अलावा, ग्रामीण आबादी अतिरिक्त बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं जैसे कि प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना, किसान क्रेडिट कार्ड का पंजीकरण आदि का भी लाभ उठा सकती है।

महिलाओं के लिए अन्य योजनाएं
वैसे तो केंद्र शासित प्रदेश में आर्थिक सहायता, पीएम-किसान का लाभ, मनरेगा के तहत मजदूरी में वृद्धि करके वंचित वर्गों को सशक्त बनाया जा रहा है। वहीं महिलाओं के लिए डिजी पे सखी के अलावा कृषि सखी और पशु सखी जैसी पहल कृषि और संबद्ध क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाने में एक लंबा सफर तय करेगी। साथ ही सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए हौसला, तेजस्विनी, उम्मीद आदि कार्यक्रम भी चलाए हैं।
वहीं इस बारे में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का कहना है कि नारी शक्ति की सामाजिक और आर्थिक स्वतंत्रता किसी भी राष्ट्र की प्रगति का आधार है। जम्मू-कश्मीर सरकार ने पूरे केंद्र शासित प्रदेश में महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए एक जन आंदोलन शुरू किया है।

अन्य राज्यों में भी चल रही इस तरह की योजना
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के डिजी-पे सखी की तरह ही उत्तर भारत के कई अन्य राज्यों में भी बैंक सखी, और दीदियां काम कर रही हैं। कोरोना काल में इन योजनाओं की वजह से सरकार की ओर से आत्मनिर्भर पैकेज के तहत जारी की गई राशि डायरेक्ट लाभार्थियों के खाते में पहुंचे और बिना बैंक गए घर पर रहते हुए आधार का प्रयोग कर अपने पैसे निकालने में सक्षम रहे।

नारद संवाद

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