BREAKING NEWS

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

जेल अधीक्षक बृजेश कुमार को राम की नगरी से कृष्ण की नगरी में मिली तैनाती

मथुरा। नवागत जेल अधीक्षक ने अयोध्या से मंगलवार को मथुरा में चार्ज ग्रहण किया। कृष्ण की नगरी में आने पर अपने आप को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि पहले वे राम की नगरी में थे और अब गिर्राज जी की कृपा से वह कान्हा की नगरी में आए हैं। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशों के अनुसार ही कार्य को प्राथमिकता दी जाएगी कैदियों में सुधार के लिए लगातार किया जाएगा जहां भी कोई कमी दिखेगी उसे दूर किया जाएगा।


बताते चलें कि पूर्व जेल अधीक्षक शैलेंद्र कुमार मैत्रेय का यहां से ट्रांसफर होने के बाद शासन द्वारा अयोध्या में तैनात 2014 बैच के जेल अधीक्षक बृजेश कुमार का ट्रांसफर मथुरा जेल किया गया है । उन्होंने एक मुलाकात में बताया कि शासन की प्राथमिकता ही उनकी प्राथमिकता है ।

जेल में लगातार सुधार कार्यक्रम जारी रखे जाएंगे। अभी वह आये है उन्होंने अपने सभी स्टाफ के अलावा कैदियों से भी मुलाकात की है उनकी परेशानियां समझी हैं कुछ परेशानियां हैं तो उन्हें दूर करने का प्रयास किया जाएगा वहीं उन्होंने बताया कि वह मूल रूप से बलिया जिले के रहने वाले हैं उनकी पढ़ाई इलाहाबाद में हुई। 2016 में पहली पोस्टिंग बलरामपुर में हुई इसके बाद पिछले चार साल से वह अयोध्या में जेल सुपरिंटेंडेंट के तौर पर कार्यरत थे ।

उन्होंने बताया कि इस वक्त जेल में 1665 कैदी है कोरोना के चलते फिलहाल मिलाई बंद है लेकिन अभी उन्होंने कैदियों को उनके परिजनों द्वारा लाया जाने वाला सामान दिलवाना शुरू कर दिया है। कैदियों से उनके परिजनों की मिलाई की भी उन्होंने जल्द शुरू करने की उम्मीद जताई कहा कि फिलहाल जेल में कोई कोरोना का केस नहीं है फिर भी सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क लगवाए जा रहे कोरोना के नियमों का पूरी तरह पालन कराया जा रहा है।

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More