BREAKING NEWS

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

भारतीय रेलवे ने कोरोना मरीजों के लिए देशभर में 20 हजार टन ऑक्सीजन कराई उपलब्ध

कोरोना महामारी के दौर में भारतीय रेलवे अब तक कभी न रुकने, कभी न थकने और कभी न आराम करने वाली स्थिति में नजर आई है। दरअसल, जिस वक्त पूरी दुनिया थम गई थी, रेलवे तब भी निरंतर देश सेवा के कार्यों में जुटी रही और आज भी यह इन्हें बखूबी निभा रही है। 

भारतीय रेलवे इन दिनों देश के विभिन्न हिस्सों में "ऑक्सीजन एक्सप्रेस" के जरिए ऑक्सीजन की कमी को दूर करने का महत्वपूर्ण जिम्मा संभाले हुए है। सांसों की डोर से बंधी इस मुहिम के जरिए अब तक न जाने कितनी ही जिंदगियों को बचाने में रेलवे का सराहनीय योगदान रहा है।    

300 ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने देश के कोने-कोने में की ऑक्सीजन की सप्लाई

गौरतलब हो, 300 ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों की मदद से देश के कुल 15 राज्यों में 20,000 मीट्रिक टन से अधिक तरल मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) की सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। 

रेल मंत्री ने ट्वीट कर इसे बताया 'मील का पत्थर'  

इस संबंध में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को ट्वीट कर कहा, ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों ने भारत में कोविड-19 रोगियों के लिए 20,000 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उपलब्ध कराने का मील का पत्थर पार कर लिया है। अब तक 300 ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों ने राष्ट्र की सेवा में अपनी यात्रा पूरी कर ली है।

35 दिन पहले 24 अप्रैल को हुई थी ऑक्सीजन एक्सप्रेस की शुरुआत 

उल्लेखनीय है कि ऑक्सीजन एक्सप्रेस की शुरुआत 35 दिन पहले 24 अप्रैल को हुई थी, जब पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस 126 मीट्रिक टन ऑक्सीजन के साथ महाराष्ट्र पहुंची थी। इसके बाद लगातार ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या में वृद्धि होती गई और इनके जरिए देश के तमाम राज्यों में ऑक्सीजन भेजने का काम लगातार जारी रखा गया।

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More