देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreदिल्ली के अस्पतालों में अब बेड्स का संकट छटने लगा है। पिछले एक महीने से रोज अस्पतालों में बेडस के लिए जद्दोजहद करने वाले दिल्ली के निवासियों को अब राहत मिलने लगी है। हालात बदल रहे हैं। कल देर रात जीटीबी अस्पताल में सिर्फ एक मरीज को भर्ती किया गया। सुखद बात यह है कि जीटीबी अस्पताल के इमरजेन्सी वार्ड में 20 से अधिक खाली बेड उपलब्ध हैं। महीनों बाद ऐसा हुआ की डॉक्टर को मरीज का इंतजार करना पड़ा हो।
हालात सामान्य होने की और बढ़ रहे हैं
मंगलवार की रात जब जीटीबी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड का जायजा लिया गया तो वहां के हालात पिछले दिनों के मुकाबले बिल्कुल अलग थे। जहां अब तक रोज मरीजों की भीड़ और ऑक्सीजन की किल्लत से सामना होता था, वहां आज सब सामान्य था। पर्याप्त ऑक्सीजन पॉइंट न होने के कारण कई मरीजों को हर रोज ऑक्सीजन नहीं मिल पाती थी, लेकिन मंगलवार को स्थिति विपरीत थी। आपातकालीन वार्ड में तैनात एक डॉक्टर ने कहा है कि रात 11 बजकर 10 मिनट तक एक ही मरीज उनके पास आया है, जिसे ऑक्सीजन बेड दिया गया।
पिछले एक-डेढ़ महीने से हालात यहां तक खराब हो गए थे कि अस्पताल को चार दिन तक अपना मुख्य दरवाजा बंद करके रखना पड़ा। ऑक्सीजन की कमी के चलते बिस्तरों की संख्या भी घटानी पड़ी। आपको बता दें, दिल्ली सरकार ने इस अस्पताल को कोविड अस्पताल के तौर पर रिजर्व किया हुआ है।
रामलीला अस्पताल ने बोझ किया कम
रामलीला मैदान में 500 बेड की क्षमता युक्त आईसीयू कोविड अस्थायी अस्पताल बनाया गया है। इस अस्पताल में कई बिस्तर खाली होने का अनुमान है। इतने बढ़े अस्थायी अस्पताल ने दिल्ली के बड़े अस्पतालों का बोझ निश्चित तौर पर कम किया है।
कहां कितने बेड हैं उपलब्ध
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार बत्रा अस्पताल में 50 से अधिक बेड उपलब्ध हैं। वहीं बी एल कपूर अस्पताल में 46 से अधिक बेड खाली हैं। मैक्स पड़पड़गंज अस्पताल में 30 बेड उपलब्ध हैं। बीएम गुप्ता मेमोरियल अस्पताल में 20 से अधिक कोविड आईसीयू बेड हैं। एम्स दिल्ली के ट्रामा सेंटर में भी 70 से अधिक आईसीयू बेड खाली हैं।
दिल्ली में कुल खाली बिस्तरों की संख्या
दिल्ली के अस्पतालों में जहां 3 मई तक सिर्फ 21 आईसीयू बेड उपलब्ध थे, वहीं आज दिल्ली सरकार के कोरोना एप के अनुसार 119 से अधिक उपलब्ध हैं। दिल्ली में कोविड बेड्स की संख्या बढ़कर 6 हजार 200 से अधिक हो गई है। ऑक्सीजन बेड भी लगभग 5 हजार के आसपास अभी दिल्ली के अस्पतालों में खाली हैं। ये खाली बेड परिस्थिति के सामान्य होने की ओर बढ़ने के प्रतीक हैं।
राजधानी में बीते कुछ दिनों से कोरोना का कहर कम हो रहा है। 10 मई को 12 हजार से अधिक लोग संक्रमित हुए थे और 13 हजार से अधिक लोग दिल्ली मे रिकवर यानि की ठीक हुए। इसी का नतीजा है की अब दिल्ली के अस्पतालों में हालात सामान्य होने की ओर बढ़ रहे हैं। इसी क्रम में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है की अब चाहे तो केंद्र सरकार दिल्ली को मिलने वाली चिकित्सा ऑक्सीजन का कुछ हिस्सा जरूरतमंद राज्यों को दे सकती है।













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