देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा(सतपाल सिंह)। ऑरेंज जोन में उन जगहों को रखा गया है, जहां पॉजिटिव केस आए थे, लेकिन पिछले कुछ दिनों में कोई नया मामला सामने नहीं आया है। जहां नए मामले सामने आने बंद हो गए हैं, उन्हें ऑरेंज जोन में रखा जाएगा। ऐसे इलाकों में फसल की कटाई समेत कुछ गतिविधियों की छूट रहेगी। मजदूर उसी इलाके के ही काम पर लगाए जा सकेंगे। बाहर के इलाकों से मजदूरों के बाने पर पाबंदी रहेगी। इस लिस्ट में नॉन हॉटस्पॉट जिलों यानि ऑरेंज जोन का भी नाम है। इनमें मथुरा, बुलंदशहर, सीतापुर, बस्ती, बागपत, कानपुर शहर, वाराणसी, अमरोहा, बरेली, हापुड़, महराजगंज, प्रतापगढ़, रामपुर, बरेली, गाजीपुर, आजमगढ़, हाथरस, मुज्जफरनगर, जौनपुर, लखीमपुर खीरी, औरैया, बांदा, बदायूं, हरदोई, कौशांबी, मिर्जापुर, रायबरेली, पीलीभीत, बाराबंकी, बिजनौर, प्रयागराज,शाहजहांपुर व इटावा शामिल हैं।
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण पर नियंत्रण करने के लिए लाकॅडाउन को तीन मई तक बढ़ाने के साथ जिलों में संक्रमण की स्थिति पर इनको तीन श्रेणियों में बांटा गया है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के भी 75 जिलों का बंटवारा किया गया है। मथुरा को आॅरेंज जोन में स्थान मिला है।
उत्तर प्रदेश में आगरा, गौतमबुद्ध नगर व राजधानी लखनऊ सहित नौ जिलों को रेड जोन में शामिल किया गया है। इनके साथ ही जिन जिलों में कम पॉजिटिव केस हैं, उनको ऑरेंज जोन में शामिल किया गया है। उत्तर प्रदेश के 31 जिलें ऑरेंज जोन में हैं। प्रदेश के 36 जिलों को ग्रीन जोन में रखा गया है। इन सभी जिलों की समय-समय पर मॉनिटरिंग की जाएगी और बढ़ते-घटते केस पर इनको को ऊपर व नीचे के जोन में शामिल किया जाएगा।
सोशल डिस्टेंसिंग का नहीं हो रहा पालन, नहीं लगा रहे मास्क
लाकडाउन के दौरान लोग न तो मास्क लगा रहे हैं और नहीं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं। लोगों के अंदर पैदा हुआ कोरोना का खौफ अब धीरे धीरे कम हो रहा है। लोगों को लग रहा है कि अब चीजें ठीक हो रही है। पुलिस और प्रशासन के अलावा दूसरी जिम्मेदार एजेंसियां और व्यक्ति भी सोशल डिस्टेंसिंग तथा मास्क लगाने जैसे जरूरी दिशा निर्देशों का पालन नहीं करा पा रहे हैं। युवाओं और महिलाओं में लापरवाही सबसे ज्यादा देखी जा रही है। शहर की गोवर्धन चैराहा सब्जी मंडी पर ग्राहक ही नहीं फल व सब्जी विक्रेता तक बिना मास्क लगाए और मुंह पर कपड़ा ढंके ही दुकानदारी करते रहे। मंडी में पुलिस भी राउंड लेते रही, लेकिन उसे भी मास्क न लगाने वाले व सोशल डिस्टेंस की धज्जियां उड़ाने वाले नजर नहीं आए। यही हालात कृष्णानगर बाजार में भी रहे। यहां भी किराने और मेडिकल स्टोरों पर जहां सोशल डिस्टेंस मजाक बनता रहा, वहीं अधिकांश खरीददारी करने वाले तक मास्क लगाकर नहीं पहुंचे। घीया मंडी, चैका बाजार, भरतपुर गेट, कोतवाली रोड, होली गेट, आर्य समाज रोड के बाजारों में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला।
अब तक यह रही है मथुरा में कोरोना वायरस की यात्रा
-मथुरा मंे मिला पहला मरीज आगरा की किडनी की मरीज महिला थी जिसे आगरा के पारस हास्पीटल से मथुरा के नयति हास्पीटल में किया गया था रेफर बाद में यह 65 वर्षीय महिला कोरोना पाॅजिटिव निकली।
-आगरा के दस कोरोना पाॅजिटिव को वृंदावन में किया गया है शिफ्ट, यहीं चल रहा है इलाज
-फतेहपुर सीकरी से नयति में इलाज कराने आया युवक निकला कोरोना पाॅजिटिव, मथुरा के सुखदेव नगर में है युवक की रिश्तेदारी।
-नयति में कोरोना पाॅजिटिव रोगियों के वार्ड में तैनात स्टाफ नर्स की रिपोर्ट आई थी पाॅजिटिव, बाद में नयति हास्पीटल की ओर से दूसरी रिपोर्ट नेगेटिव होने की पुष्टि की गई।
-भरतपुर से लौटा लोग का एक जमाती युवक निकला पाॅजीटिव
-निजामुद्दीन मरकज से लौटा शामली का जमाती की रिपोर्ट भी निकली पाॅजिटिव
-जिला चिकित्सालय की नर्स













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