देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। चीन के प्रति लोगों का आक्रोश बढ रहा है। चीन के उत्पादों के बहिष्कार के बीच अब नीची उत्पदानों के आात पर पाबंदी की मांग भी उठने लगी है। राष्ट्रीय सनातन एकता मंच ने प्रधानमंत्री को जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में चीन के उत्पादों के निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाये जाने की मांग की गई है।
मंच के जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह एड. ने कहा है कि भारत चाइना सीमा पर अभी तनाव का माहौल चल रहा है चीन ने हमेशा की तरह भारत को धोखा दिया है और भारत की भूमि को कब्जा करने और अतिक्रमण करने की कोशिश की है। इस बार चीन ने अपनी नीचता की सभी सीमाओं को लांघ दिया है।
उसके साथ धोखे से हुई खूनी झड़प में भारत के जवान शहीद हुए हैं। देश के अंदर चीन के प्रति क्रोध व्याप्त हो गया है। हमारी प्रधानमंत्री से अपील है कि चीन से होने वाले आयात को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया जाये। इसी संबंध में जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ज्ञापन भेजा गया है। जिसमें चीन निर्मित सामान के आयात पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग की गई है। उन्होंने कहाकि भारत और चीन का जो व्यापार है वह असंतुलित है।
व्यापार लाभ चीन के पक्ष में है। भारत चीन को जितना निर्यात करता है उससे चार गुना अधिक आयात करता है जो कि चीन के फायदे में है। ऐसे वक्त पर हम चीनी वस्तुओं का आयात करके चीन को फायदा पहुंचा रहे हैं।
अगर यह क्रम जारी रहता है तो यह सेना का अपमान होगा। भारत का हर नागरिक चीन की वस्तुओं के बहिष्कार का इच्छुक है। राष्ट्रीय सनातन एकता मंच मथुरा इस ज्ञापन के माध्यम से आप से मांग करता है कि देश में चीन के उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए सेना की शहादत का यही सही सम्मान होगा।
साथ ही इससे भारत के घरेलू उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा और आत्मनिर्भर भारत की ओर भी यह एक उचित कदम होगा हमें पूरी आशा है कि देश हित में उचित कदम उठाए जाएंगे। ज्ञापन देने वालों में जिला अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह के साथ धर्मवीर अग्रवाल, उपेंद्र चतुर्वेदी, के.के पंडित, बसंत खंडेलवाल, दक्ष गोयल आदि थे।
औरंगाबाद में चीनी राष्ट्रपति की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली
हिंदू युवा सामाजिक संस्था औरंगाबाद एवं महात्मा ज्योतिराव फुले विकास समिति के तत्वावधान में डा.भीमराव अम्बेडकर पार्क में गलवान में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान चीनी राष्ट्रपति सी जिनपिंग की अर्थी निकाल कर उसे आग के हवाले किया गया। रमश सैनी ने कहाकि पूरा देश चाइना के विरोध में खडा है। चीन ने बार बार हमें धोखा दिया है।
हमोर बीस जवान शहीद हुए हैं। शहीदों के सम्मान में हमें चीनी सामान का विरोध करना चाहिए। चीनी सामान के उपयोग से बचना चाहिए। ताराचंद गोस्वामी ने कहा कि अब समय आ गया है हम सभी को चीन के खिलाफ उठ खडे होना है। इस दौरान समिति के अध्यक्ष रमेश सेनी, राजेश सैनी, बालकृष्ण, कान्हा निषाद, अनुज चैधरी, कमल निषाद, जनसंत कुशवाह, सत्यप्रकाश निषाद, देवेश कुमार, चेतन कुमार, मोहन कुमार, संजय निषाद, लोकेश राही, जीतू कुशवाह, लोकेश सैनी, राकेश सैनी, राम सैनी, अंकित सक्सैना आदि मौजूद रहे।













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