देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। यदि पांच वर्ष में बच्चे को सात बार टीकाकरण केन्द्र पर लाकर टीके लगवाये जाएं तो उसको टीवी, पोलियो, हैपेटाईटिस बी, गलघोंटू, कुकरखंासी, टिटनेस, निमोनिया, दिमागी बुखार, सर्दियों के दस्त, खसरा एवं रूबेला जैसी भयावह बीमारियों से बचाया जा सकता है।
अगर टीकाकरण नियमित नहीं हुआ है या आपके बच्चे का टीकाकरण तो ठीक हुआ है लेकिन आसपास में ऐसे बच्चे हैं जो पूरी तरह से टीकाकरण से आच्छादित नहीं हैं तो भी आपका बच्च पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है। टीकाकरण के शतप्रतिशत लक्ष्य को हासिल करने के लिए
मिशन इन्द्र धनुष 2.0 पर स्वास्थ्य विभाग काम कर रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.शेर सिंह ने चेतावनी सहित निर्देशित किया है कि यदि किसी भी
अधिकारी या कर्मचारी द्वारा इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही के कारण जनपद के परिणाम खराब होते हैं तो उनके विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी।
बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे मिशन इन्द्र धनुष 2.0 को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एडी चोटी का जोर लगा दिया है। मिशन के सफल संचालन को सुनिश्चित किरने के लिए सीएमओ डा. शेर सिंह ने सामुदायि स्वास्थ्य केन्द्र चैमुहां पर एवं जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. राजीव गुप्ता ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मांट एवं यूपीएचसी लक्ष्मीनगर पर और डा. एके गुप्ता ने सामुदायिक स्वास्वास्थ्य केन्द्र राल पर आयोजित की गयी कार्यशाला की अध्यक्षता की गयी। डा शेर सिंह ने समस्त उपस्थित स्टाफ को सघन मिशन इन्द्र धनुष 2.0 की गम्भीरता को समझाते हुए पर्यवेक्षित हैडकाउन्ट सर्वे के लिये निर्देशि दिये। साथ ही चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य रहेगी। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. राजीव गुप्ता ने बताया कि सम्पूर्ण टीकाकरण के दौरान बच्चे को 10 जानलेवा बीमारियों से बचाया जा सकता है।













Related Items
दांत दर्द से बुखार तक, अकरकरा है अनेक बीमारियों का रामबाण इलाज!
कच्ची ही नहीं, भुनी अदरक भी फायदेमंद, कई बीमारियों की करती है छुट्टी
सुबह बासी मुंह खाने से कई बीमारियों को दूर भगाती है नीम की पत्ती