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MATHURA : किसानों से धोखाधडी

मथुरा। राज्य सलाहकार सदस्य भारतीय खाद्य निगम उत्तर प्रदेश अनूप सारस्वत ने रामविलास पासवान माननीय मंत्री सार्वजनिक वितरण मंत्रालय कृषि भवन नई दिल्ली को पत्र लिखकर मथुरा क्रय केंद्र प्रभारी द्वारा किसानों का चार सौ कुंतल गेहूं घोटाला एवं केंद्र प्रभारी तथा ठेकेदार द्वारा मिलकर प्रत्येक किसान से गेहूं की सफाई एवं सिलाई तथा लोडिंग के नाम पर प्रत्येक बोरी पर घ्50 वसूली प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है।


 अनूप शर्मा ने बताया कि किसानों द्वारा एवं ग्राम प्रधानों द्वारा मुझे अवगत कराया जा रहा था कि मथुरा मंडी में गेहूं खरीद केंद्र एफसीआई पर किसानों के साथ घाटोला कर प्रति कुंटल पर करीब 1 किलो अत्यधिक एवं ठेकेदार द्वारा हमसे गेहूं सफाई तथा बोरी की सिलाई एवं लोडिंग के नाम पर घ्50 प्रति बोरी लिए जा रहे हैं माननीय जिसकी जांच मेरे द्वारा 11 जून को दोपहर करीब 2 बजे की गई जिसमें ठेकेदार द्वारा मेरे साथ दुर्व्यवहार एवं क्रय केंद्र प्रभारी हेमंत द्वारा सही जानकारी एवं जांच कर नहीं पर मुझसे बार-बार मना करते रहे तथा अपने आप को स्थानीय बताते रहे  लेकिन मैंने उनकी सब बातों पर ध्यान ना देते हुए किसानों के हितों की रक्षा हेतु जांच जारी रख गेहूं की बोरी को कांटे पर रखकर तुलवाना  आरंभ किया जिसमें मैंने गेहूं की बोरी को कांटे पर रखकर तोलना आरंभ किया जिस बोरी पर 50 किलो 800 ग्राम लिखा था उनमें 51 किलो 750 ग्राम पाया गया।

मुझको ठेकेदार एवं केंद्र प्रभारी खरीद हेमंत की आंखों का इशारा लेबर की तरफ करते दिखे। जब उनसे यह पूछा गया कि इतना अधिक गेहूं किसानों से क्यों लिया जा रहा है एवं क्या कोई सरकुलेशन है इस तरीके का तो पहले तो मुझे अनभिज्ञता जताते हुए बोले जो भी आदेश होगा उच्च अधिकारियों के पास होगा, हमको इस तरीके से गेहूं खरीदने का निर्देश प्राप्त हुआ है फिर मैंने पुनः पूछा गेहूं खरीद केंद्र के प्रभारी आप हैं और आदेश उच्च अधिकारियों के पास यह कहां का नियम है ।

उसके बाद उन्होंने कहा कि हमारे पास आदेश है हम आपको उपलब्ध करा देंगे । मुझे यह भी बताया गया कि हम जो भी अतिरिक्त गेहूं ले रहे हैं वह गेहूं सूख और गिल सम्मिलित है फिर मेरे द्वारा  जब पुनः पूछा गया आप एवं आप के ठेकेदार किसानों से घ्50 प्रति बोरी क्यों ले रहे हो तो कोई संतोषजनक जवाब न देते हुए मेरे साथ दुर्व्यवहार करने लगे । इनके द्वारा कांटा भी शॉर्ट किया गया है जो कुल मिलाकर किसानों के साथ बहुत बड़ा धोखा एवं छलावा है। उपरोक्त खरीद केंद्र पर करीब 400 कुंटल गेहूं का घोटाला मुझे प्रतीत होता है जो सीधा सीधा किसानों के हक पर डाका डाला गया है।

किसी भी संदेह की स्थिति में देश के किसी अन्य प्रदेश की इंटेलिजेंस से जांच कमेटी बनवा कर प्रत्येक किसान से पता करा ली जाए तथा जांच को प्रभावित करने से रोकने के लिए ठेकेदार का बिल भुगतान रोक दिया जाए एवं केंद्र प्रभारी खरीद श्री हेमंत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया जाए क्योंकि उपरोक्त व्यक्ति जांच को प्रभावित करने के लिए किए गए भ्रष्टाचार में से धनबल के कारण जांच प्रभावित कर सकते हैं।

उपरोक्त प्रकरण पर आपके द्वारा अगर कार्यवाही नहीं की गई तो मैं क्षेत्रीय महाप्रबंधक कार्यालय एफसीआई उत्तर प्रदेश पर किसानों के हितों की रक्षा एवं भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए 15 जुलाई से अनशन करूंगा। जनहित में उक्त प्रकरण पर कार्यवाही करने की अपील के साथ अनूप सारस्वत राज्य सलाहकार सदस्य भारतीय खाद्य निगम उत्तर प्रदेश द्वारा सीएमडी एफसीआई इंडिया, राजेंद्र अग्रवाल चेयरमैन एफसीआई एवं लोकसभा सांसद उत्तर प्रदेश, क्षेत्रीय महाप्रबंधक गिरीश कुमार को भी इस घोटाले के सम्बंध में अवगत कराया गया है।

नारद संवाद

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