देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। भारत-चीन बॉर्डर पर ब्रह्मपुत्र नदी में स्नान के दौरान डूबने से एक भारतीय जवान शहीद हो गया। जिसका पार्थिव शरीर असम से उसके पैतृक गांव छाता के खितावता गांव में सेना द्वारा लाया गया। गांव में शहीद जवान की अंतिम यात्रा निकाली गई। जिसमें हजारों युवा, समाजसेवी, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने जवान को अंतिम विदाई दी। गांव में पूरे सम्मान के साथ जवान का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं क्षेत्र के कैबिनेट मंत्री चैधरी लक्ष्मीनारायण ने जवान के नाम पर शहीद स्मारक और गांव का प्रवेश द्वार बनवाने की घोषणा की है। मथुरा के समीप छाता के गांव खितावता में उस समय शोक छा गया जब गांव का एक राष्ट्र प्रहरी वायु सेना के जवान विष्णु बेनिवाल का पार्थिक शव भारतीय सेना के अधिकारी और सेनिक लेकर आए। शहीद जवान की उम्र करीब 25 साल बताई जा रही है। खितावता गांव के अलावा आसपास के गांव के युवा भी शहीद जवान के गांव में दौड़े चले गए। जवान विष्णु बेनिवाल की अंतिम यात्रा कोसीकलां के बठैन गेट से लेकर उसके गांव खितावता तक निकाली गई। जिसमें हजारों युवाओं ने जय हिंद के नारों के बीच जवान को अंतिम विदाई दी। गांव में जवान का सम्मान के साथ सेना के अधिकारी और सेनिकों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया। वहीं परिजनों का भारत माता का एक लाल के खो जाने पर रो-रोकर हाल बुरा हो रहा था। वहीं इस दौरान अंतिम संस्कार में पहुंचे प्रदेश के कैबिनेट मंत्री चैधरी लक्ष्मीनारायण् के प्रतिनिधि नरदेव सिंह ने शहीद जवान को श्रद्धांजलि देते हुए घोषणा की है कि वह गांव में शहीद जवान विष्णु बेनिवाल की स्मृति में गांव का प्रवेश द्वारा 25 लाख रुपए की लागत से बनवाएंगे और गांव में शहीद स्मारक भी बनाया जाएगा। मिली जानकारी के मुताबिक शहीद छाता के गांव खितावता निवासी इंदर बेनिवाल के चार पुत्रों में से शहीद जवान विष्णु बेनिवाल तीसरा पुत्र था। यह एयरफोर्स में अकाउंट डिपार्टमेंट में कार्यरत था। इसकी तैनाती वर्तमान में असम में तैनात था। यह वायु सेना में 2016 में भर्ती हुआ था। परिजनों ने बताया कि विष्णु गत दिसंबर माह में घर अपने परिजनों से मिलने आया था। बताया जा रहा है कि वह दो दिन पहले अपने चार साथी जवानों के साथ ब्रह्घ्मपुत्र नदी में स्नान करने के लिए गया था। स्नान के दौरान वह नदी के तेज बहाव और गहरे पानी के चलते नदी से बाहर नहीं निकल सके और डूब गए। सेना ने नदी के गहरे पानी से खोज निकाला, लेकिन तबतक बहुत देर हो चुकी थी और जवान विष्णु बेनिवाल शहीद हो गए। क्षेत्र के एसडीएम हनुमान प्रसाद, पुलिस क्षेत्राधिकारी जितेन्द्र कुमार, सेना अधिकारी के एवं जवान के अलावा हजारों लोग गांववासी मौजूद रहे।













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