देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreनई दिल्ली। देश की अर्थव्यवस्था में पिछले कुछ समय से काफी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। ऐसे में बड़े-बड़े बिजनसमैन के साथ आम लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। अर्थव्यवस्था के हालात को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रही हैं। निर्मला ने दुनिया के 10 देशों की तुलना कर कहा कि भारत की विकास दर अभी भी ऊंची है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि वेल्थ क्रिएटर्स का सम्मान होगा। सुधार जारी रहेंगे।
वैश्विक स्तर पर ग्रोथ 3.2 फीसदी है, जिसे और घटाया जा सकता है। दुनिया के बाकी देश भी मंदी का सामना कर रहे हैं। भारत की अर्थव्यवस्था बेहतर हालत में है। वैश्विक मंदी को समझने की जरूरत है। चीन और अमेरिका के बीच चल रहे ट्रेड वॉर की वजह से मंदी की समस्या हुई है। ऐसा नहीं है कि मंदी की समस्या सिर्फ भारत के लिए है बल्कि दुनिया के बाकी देश भी इस समय मंदी का सामना कर रहे हैं। सुधार एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और देश में लगातार आर्थिक सुधार हुए हैं।
इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) भरना पहले से काफी आसान हुआ है। जीएसटी को भी और आसान बनाया जाएगा। कई देशों की तुलना में हमारी विकास दर भी काफी अच्छी है। सरकार पर आरोप लगते हैं कि टैक्स को लेकर लोगों को परेशान किया जा रहा है। हम टैक्स और लेबर कानूनों में लगातार सुधार कर रहे हैं। टैक्स नोटिस के लिए केंद्रीय सिस्टम होगा और टैक्स के लिए किसी को परेशान नहीं किया जाएगा। एक अक्टूबर से केंद्रीय सिस्टम से नोटिस भेजे जाएंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस से कुछ देर पहले नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने ट्वीट कर कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार इकोनोमी के लिए कड़े कदम उठा रही है और उठाती रहेगी। घबराने की और घबराहट फैलाने की कोई जरूरत नहीं है। राजीव कुमार का गुरुवार को जो बयान सामने आया था उसमें देश की अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता जताई गई थी। इसके बाद विपक्षी दलों को भी मोदी सरकार को घेरने का मौका मिल गया।
साभार-khaskhabar.com













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