देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। किसानों को विभिन्न स्तरों पर घटतौली काशिकार होना पडता है। खीरद केंद्रों पर और आढितों पर काम करने वाले कर्मचारी बेहद तेज होते हैं। इनसे पार पाना किसानों के लिए आसान नहीं है, इसके लिए जरूरी है कि किसानों को बाकायदा इस बात की ट्रेनिंग दी जाए कि वह किसी भी स्तर पर हो रही घटतौली को कैसे पकडें और इसकी शिकायत कहां और कैसे करें। यह सुझाव उत्तर प्रदेश खाद्यनिगम के सदस्य चुने गये दीपक सारस्वत ने भारतीय खाद्यनिगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डीवी प्रसाद से मुलाकात के दौरान रखे। यह मुलाकात उन्होंने दिल्ली स्थित कार्यालय पर की। दीपक सारस्वत ने बताया कि किसानों का धान खरीदने के लिए अतिरिक्त धान केन्द्र खोले जाने का अनुरोध भी किया गया, जिससे किसानों की उपल खुले में लम्बे समय तक तुलाई के इंतजार में पडी नहीं रहे। उत्तर प्रदेश के अंदर यकायक बढीं प्याज की कीमतों के पीछे उन्होंने प्याज की कालाबाजारी को बताया। सुझाव दिया कि कालाबाजारी रोकने के लिए संयुक्त टीमें गठित की जाएं एवं जमाखोरों के खिलाफ कडी कार्यवाही की जाये।













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