देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। जनपद में धान की फसल बडे पैमाने पर किसान करते हैं। भूगर्भीय जल स्तर नीचा होने और रजवाहों में इस बार पानी नहीं आने से किसानों को यह फसल महंगी पड रही है। वह किसान बेहद परेशान हैं जिनकी बर्बाद हो गई है। बडी मुशीबत यह है कि फसल बीमा कराने के बाद भी जनपद के अधिकांश क्षेत्रों में धान की फसल बीमा कवर में नहीं आती है। यही वजह है कि किसान फसल का बीमा होने का भ्रम पाले रहते हैं और मुआवजे की मांग करते हैं जबकि प्रशासन हाथ खडे कर देता है। शनिवार को विकास खण्ड चैमुहां के गांव भरना कला के किसान बडी संख्या में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और धन की नष्ट हुई फसल के मुआवजे की मांग की। किसानों ने एक प्रार्थना पत्र भी दिया। जिस में 23 और 25 सितम्ब तथा 3 अक्टूबर को आंधी और बरसात से धान की फसल को भारी हानि होने की बात कही है। किसानों का कहना है कि उनके परिवार पर आजीविका का संकट आ गया है।













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