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MATHURA : सरकार के खिलाफ बोलने से बच रहे हैं किसान संगठन : हरपाल

मथुरा। मांट तहसील परिसर में भारतीय किसान यूनियन के हरपाल गुट ने केंद्र सरकार द्वारा लागे गये तीन कृषि अध्यादेशों का विरोध किया है। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरपाल सिंह ने कहाकि सरकार ने किसानों के साथ इन अध्यादेशों को लेकर कोई विचार विमार्श नहीं किया है।

सरकार किसानों की खेती को बर्बाद करना चाहती है। उन्होंने अरोप लगाया कि किसान संगठन सरकार के खिलाफ बोलने से बच रहे हैं। किसानों के हित में आवाज उठाने की हिम्मत नहीं दिखा पा रहे हैं। जब देशभर में सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन हो रहे हैं उत्तर प्रदेश में किसान संगठन मौन साध गये हैं। उन्होंने कहाकि किसान संगठनों की भी राय नहीं ली। सरकार हर तरह की मनमानी कर रही है। इन अध्यादेशों से किसान बर्बाद हो जाएंगे। इन अध्यादेशों के बारे में किसानों को ठीक से बताया तक नहीं गया है। जो लोग विरोध कर रहे हैं सरकार उन पर किसानों को गुमरहा करने का अरोप लगा रही है। उन्होंने कहाकि इन तीनों अध्यादेशों का देशभर में विरोध जारी है। किसान संगठन भी इसके विरोध में हैं। उन्होंनंे कहा कि सरकार इन अध्यादेशों को वापस ले ऐसा नहीं होने पर संगठन आंदोलन करेगा। किसानों पर दोहरी मार पड रही है। डीजल के दाम पैट्रोल के बराबर पहुंच गये हैं, जबकि कच्चे तेल के दामों में लगातार कमी आई है। इस समय किसान राजनीति में क्षेत्रवाद हावी है। किसान संगठनों की दिशाहीन राजनीति का नुकसान किसानों को उठाना पड रहा है। किसानहित के मुद्दों की बजाय स्थानीय और निजीहित किसान राजनीति पर हावी हैं। किसानों की संख्या और किसान संगठनों के अब तक रहे प्रभाव को देखते हुए ऐसे लोगों ने किसान संगठनों को कब्जाने में सफलता हासिल कर ली है जिनकी राजनीति पिट रही थी।

21 से 26 सितम्बर तक जिले की सभी अनाज मंडियां रहेंगी बंद
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के आव्हान पर मंडी टैक्स के विरोध में सभी गल्ला मंडियों को बंद रखने का फैसला लिया गया है। इसके विरोध में जिले की सभी गल्ला मंडी 21 से 26 सितंबर तक पूर्ण रूप बंद रहकर कारोबार का बहिष्कार करेंगी। मंडी समिति में आढ़त व्यापारियों की बैठक में इसका निर्णय लिया गया है। इसमें अनाज मंडी एसोसिएशन के महामंत्री दीनदयाल अग्रवाल ने बताया कि मंडी शुल्क को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार का रवैया खराब है। सरकार द्वारा इसके लिए दोहरी नीति अपनायी जा रही है। तमाम बार सरकार से मांग करने के बावजूद इस आदेश को वापस लेना तो दूर सरकार विचार करने तक को राजी नहीं है। उन्होंने इसके विरोध सभी आढ़तियाओं से 21 से 26 सितम्बर तक जिले की सभी अनाज मंडियों में किसी भी व्यापारी से माल की खरीद फरोख्त न करने की अपील की है।

नारद संवाद

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