BREAKING NEWS

मीडियाभारती वेब सॉल्युशन अपने उपभोक्ताओं को कई तरह की इंटरनेट और मोबाइल मूल्य आधारित सेवाएं मुहैया कराता है। इनमें वेबसाइट डिजायनिंग, डेवलपिंग, वीपीएस, साझा होस्टिंग, डोमेन बुकिंग, बिजनेस मेल, दैनिक वेबसाइट अपडेशन, डेटा हैंडलिंग, वेब मार्केटिंग, वेब प्रमोशन तथा दूसरे मीडिया प्रकाशकों के लिए नियमित प्रकाशन सामग्री मुहैया कराना प्रमुख है- संपर्क करें - 0129-4036474

आँखें शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग इसके बिना सब कुछ अंधकार मय

मथुरा। हमारे शरीर के प्रत्येक अंग महत्वपूर्ण है लेकिन सबसे ज्यादा आँखें महत्वपूर्ण है जिसके बिना हम इस दुनिया को देख ही नहीं सकते तथा प्रकृति के रंग बिरंगे स्वरूप को भी देख नहीं पायेंगे।


गांधी जयन्ती के अवसर पर व कल्याणं करोति के 40 वें स्थापना दिवस के मौके पर झांसी से आये कृर्षि क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले एम. एल. शर्मा ने उक्त उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि शरीर में आँखें सबसे अधिक जरूरी हैं आँखे नहीं तो पूरी दुनिया ही अन्धकार मय है। उन्होंने कहा कि आज भारत में एक करोड़ 35 लाख नेत्र रोगी है अभी भी 30 लाख लोग इसी आस में जी रहे हैं कि उन्हें भी आँखें मिल जायें। संस्था इस पुण्य के कार्य में लगी है यह संस्था पीड़ित मानवता के लिए कार्य कर रही है।


ब्राहमण समाज के प्रमुख समाज सेवी पंकज शर्मा ने कहा कि कल्याणं करोति द्वारा दिव्यांगों की सेवा व नेत्र षिविरों द्वारा किये जा रहे कार्य बहुत ही प्रषंसनीय हैं जहाँ आज के समय में लोग अपने बारे में नहीं सोच पा रहे है यह संस्था दूसरों की तथा पीड़ितों की सेवा का पुनीत कार्य कर रही है।
पंजाब नेषनल बैंक से सेवानिवृत एस. के. जैन ने बताया कि गाँधी जी की 157वीं जयन्ती के अवसर पर महात्मा गाँधी के आदर्षाे पर चल कर कल्याणं करोति संस्था कार्य कर रही है।


संस्था महासचिव सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि 40वें स्थापना दिवस के अवसर पर डी. एच. लिमिटेड, गाजियाबाद के सौजन्य से कल्याणं करोति द्वारा निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर में आये 183 नेत्र रोगियों ने पंजीकरण कराकर परीक्षण कराया जिसमें से 25 नेत्र रोगियों के ऑपरेशन पूर्णतः निःशुल्क रूप से की गई। कल्याणं करोति के महासचिव सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी व देष के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जन्म दिवस पर दिव्यांग भाईयों को कृत्रिम अंगों तथा अन्धता निवारण की दिषा में संस्था ने 40 वर्षाे में उल्लेखनीय कार्य किये है।

हजारों षिविर लगा कर नेत्र रोगियों के उपचार व ऑपरेषन निःषुल्क रूप से सम्पन्न किये जा रहे है। दो अक्टूबर 1991 को कल्याण धाम से सेवा का यह कार्य शुरू हुआ वहीं से कृत्रिम अंगो के निर्माण का कार्य निरन्तर चल रहा है। छह अगस्त 1996 को श्रीजी बाबा नेत्र चिकित्सालय की स्थापना की गई। जहाँ प्रतिवर्ष 10 हजार नेत्र रोगियों का ऑपरेषन निःषुल्क सम्पन्न हो रहे है। इसी श्रृंखला में मूक बधिरों के लिए सम्बल की स्थापना की गई जिसमें 153 बच्चे पंजीकृत है अब संस्था विष्वस्तरीय ऑखों का अस्पताल 05 एकड़ जमीन पर गोवर्धन रोड़ पर बनाने जा रही है।


इस अवसर पर कोरोना महामारी कोविड-19 के समय में समाज के लोगों के बीच जाकर सेवा करने तथा लोगों को ऑक्सीजन पहँुचाने जरूरी वस्तुएँ उपलब्ध कराने के लिए अषोक शर्मा, संदीप भोले, प्रताप सिंह, नरेन्द्र सिंह प्रचारक, बृजेष कुमार, राम सनेही को सम्मान प्रदान किया गया।
इस अवसर पर लोकेष, मुम्बई, सुजान सिंह, हरेष सिंह, मनोज पचौरी, क्षेत्रीय पार्षद, सुरेष चन्द्र शर्मा, निरूपम भार्गव, प्रवीन भारद्धाज आदि की उपस्थित उल्लेखनीय थी।
 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्वतंत्रता सेनानी पं. हुकम सिंह गौतम की पुण्यतिथि मनाई

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

पुरानी कहावत और नया भारत

Read More