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मथुरा : इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन फेर सकता है सब किये धरे पर पानी

मथुरा। कोविड-19 के फैलाव को रोकने में सोशल डिस्टेंस को सबसे मारक हथियार माना जा रहा है। देशभर में 21 दिन का लाकडाउन भी सोशल डिस्टेंस बनाये रखने के लिए ही किया गया है। लाकडाउन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जा रही है। जर्माना लगाया जा रहा है तो एफआईआर भी दर्ज हो रही है। बावजूद इसके लाकडाउन में सिस्टम ने कई ऐसे छेद छोड दिये हैं जो लाकडाउन की शतप्रतिशत सफलता पर प्रश्नचिन्ह लगा रहे हैं। सरकारी राशन की दुकानों से गरीबों के लिए राशन वितरण अप्रैल माह की पहली और दूसरी तारीख को हो चुका है। अब ग्यारह अप्रैल के बाद  शेष लोगों को राशन का वितरण किया जाएगा। इस दौरान राशन की दुकानों पर भीड उमडने की संभावना बनी हुई थी। एक अप्रैल को हुए राशन वितरण में यह देखने को भी मिला। सोशल डिस्टेंसिंग बनाने के तमाम प्रयासों के बावजूद कई जगह भीड एकत्रित हुई। लोगों का कहना है कि राशन डीलर के पास सभी उपभोक्ताओं की लिस्ट मौजूद है। यूनिट को आधार बना कर परिवार के हिसाब से राशन के पैकेट बना कर डोर टू डोर डिलवरी हो सकती थी। इससे सोशल डिस्टेंसिंग का चक्र टूटने का का खतरा भी पैदा नहीं होता और लोगों को राशन भी उलब्ध हो जाता। यह काम संबंधि वार्ड या क्षेत्र का राशन डीलर नगर निगम के साथ मिल कर आसानी से कर सकता था। अब छह अप्रैल को एक बार फिर सरकारी राशन की दुकानों से राशन वितरण होगा। लोगों ने मांग की है कि लाकडाउन की सफलता के लिए डोर टू डोर डिलवरी बेहतर विकल्प साबित हो सकती है।

सरकारी राशन की दुकानों से ’होम डिलवरी’ से मिल सकते थे बेहतर परिणाम
कोविड-19 के फैलाव को रोकने के लिए शुरूआती प्रयासों में ही सरकार ने कार्यालयों में इलेक्ट्रोनिक हाजरी पर रोक लगा दी थी। यहां तक कि विशेषज्ञ यहां तक बता रहे थे कि लिफ्ट का बटन कैसे दबाना है। इसके बाद हाथ को सेनेटाइज भी कराना है। राशन उपभोक्ताओं की इलेक्ट्रानिक वैरीफिकेशन को इस दौरान स्थगित नहीं किया गया। हालांकि कहा यह गया है कि उपभोक्ता पहले हाथ धोएंगे या सेनेटाइज करेंगे उसके बाद मशीन पर उंगली या अंगूठा लगाएंगे।
 

कोविंड-19 वाहन करेगा राशन का वितरण, 500 रूपये के भुगतान पर मिलेगा पैकेट
व्यापारियों के साथ मिलकर नगर निगम और खाद्य सुरक्षा विभाग ने डोर टू डोर डिलवरी की व्यवस्था की है। इसके लिए नगर निगम की ओर से दो गाडियां लगाई गयी है। मेयर मुकेश आर्य बंधु ने बताया कि दस किलो आटा, एक किलो चीनी और एक किलो दाल का पैकेट उपभोक्ताओं को पांच सौ रूपये में मिलेगा। नगर निगम की एक गाडी मथुरा और एक गाडी वृंदावन में चलेगी। मांग बढने पर इन गाडियों की संख्या भी बढाई जाएगी। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी चंदन पाण्डेय ने बताया कि जो इसके बाद लोगों को घर से बाहर निकलने की जरूरत नहीं पडेगी। नगर निगम के कर्मचारी यह काम करेंगे।

11 अप्रैल के बाद फिर मिलेगा 5-5 किलो चावल
इसके अलावा मई माह के लिए इसी मात्रा में चावल का आवंटन मथुरा के लिए होगा। संभावना है कि यह आवंटन अगले सप्ताह मथुरा को कर दिया जाएगा। डिप्टी आरएमओ राजेश्वर प्रताप सिंह ने बताया कि 85 हजार से अधिक चावल आवंटित कर दिया है। इसी मात्रा में जल्द ही और चावल जारी होगा। डीएसओ राघवेंद्र सिंह ने बताया कि इस चावल का वितरण 11 अप्रैल से शुरू होगा। इसमें प्रत्येक कार्डधारक को 5 किलो प्रति यूनिट की दर से चावल दिया जाएगा।

 

नारद संवाद

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