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ई-रिक्शा, भंडारों पर कभी नहीं लगाई रोकः डीएम

मथुरा। डीएम सर्वज्ञराम मिश्रा और एसओ गोवर्धन ने एनजीटी में जबाव दाखिल करते हुए बताया है कि उन्होंने गोवर्धन में भंडारे, ई रिक्शा पर कभी रोक नहीं लगाई। गोवर्धन बंद का आंदोलन वहां कुछ शरारत तत्वों द्वारा भड़काकर किया गया। डीएम के जबाव से गोवर्धन के लोग सन्न है। सवालों के घेरे में पुलिस प्रशासन भी है। अगर ऐसी बात थी तो पूर्व घोषित गोवर्धन बंद और आंदोलन करने वाले लोगों के सामने सारी स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की गई। अगर स्थिति साफ कर दी होती तो लोगों केा भड़काने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही क्यों नहीं की गई।
बहरहाल गिरिराज परिक्रमा के मामले में जिलाधिकारी मथुरा और एसओ गोवर्धन से पिछली सुनवाई के दौरान किए गए जवाब तलब पर अपना जवाब दाखिल कर दिया है। इसके साथ ही डीएम ने 18 सितंबर को होने जा रही सुनवाई की तैयारी भी शुरू कर दी है। सभी विभागों से रिपोर्ट मांग ली है।
पिछले माह की 26 व 27 अगस्त में न्यायालय के खिलाफ गलत अफवाह फैलने के कारण गोवर्धन बंद और प्रदर्शन से नाराज एनजीटी ने डीएम और थाना प्रभारी से जवाब तलब कर लिया था। इस पर न्यायालय को अवगत कराते हुए अपने जवाब में जिलाधिकारी मथुरा ने कहा कि कुछ शरारती तत्वों द्वारा गोवर्धन में न्यायालय व प्रशासन के खिलाफ ई रिक्शा वालों व कुछ स्थानीय नागरिकों को भड़काया गया जिससे गोवर्धन में बंद की स्थिति हुई पर बंद पूर्ण रूप से शांतिप्रिय था।
पूरा आंदोलन राजनीति से प्रेरित था। उन्होंने भंडारा और ई-रिक्शा संचालन पर भी किसी प्रकार से रोक लगाने से इनकार किया है। वहीं, गोवर्धन के एसओ ने भी जवाब दाखिल कर यही कहा है। साथ ही याचिकाकर्ता आनंद गोपाल दास के खिलाफ वीडियो जारी कर धमकी देने वाले के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जल्द आवश्यक कार्यवाही करने की बात कही है।

 

नारद संवाद

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