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शहर में जगह-जगह सीवर लाइन डालने के लिए पेयजल की पाइप लाइन तोड डाली है

मथुरा। एक घंटे की बरसात ने शहर में विकास के तमाम दावों की पोल खोल दी। शहर के उन क्षेत्रों में भी पानी भर गया, जहां पहले नहीं भरता था। इससे पहले कुछ चुनिंदा स्थान से जहां पानी का जमावडा होता था। शुक्रवार को हुई करीब एक घंटे की बरसात ने पूरे शहर को ही ताल तलैया में तब्दील कर दिया था। इस हालत के लिए नगर निगम की ओर से कराये जा रहे विकास कार्यों की बेहद धीमी गति भी जिम्मेदार है।

पूरे शहर में सडक और गलियां खुदी पडी हैं। हालत यह है किवार्ड 54 में चमेली देवी गल्र्स स्कूल के सामने से लेकर अग्रसेन वाटिका तक सड़क पर सीवर लाइन डालने कार्य करीव डेढ़ साल पूर्व शुरू किया गया था जो आज तक पूरा न हो सका।

सीवर लाइन के कार्य के चलते आधी सड़क निर्माण कार्य के लिये बन्द की जा चुकी है वहीं आधी सड़क पर नाले का पानी भरा रहता है जिससे बाहनों का निकलना तो मुश्किल हो ही रहा है पैदल चलने के लिए भी जगह नहीं है। लोगों को गन्दे नाले के पानी को पार करके ही निकलना पड़ रहा है। वृंदावन रोड पर महज 500 मीटर की सड़क जो पुराने शहर को जोड़ती है वह बन कर तैयार नहीं हो पा रही है।


इस सीवर लाइन को नाले से जोडने का कार्य कितना धीमी गति से हो रहा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस कार्य को लगभग डेढ़ साल से ज्यादा का वक्त हो चला है मगर अभी तक कार्य पूरा होने का नाम नहीं ले रहा है। लोगों के लिए यहां से निकलना मुश्किल हो गया है। यहां से होकर जिन्हें वृन्दावन जाना हो या वृन्दावन से किसी को मथुरा शहर में आना हो तो वह चार पहिया बाहन से निकलना तो मुश्किल है ही दोपहिया बाहन से भी वमुश्किल निकला जा सकता है।


डेढ़ साल से जल निगम व नगर निगम मथुरा, वृन्दावन मार्ग पर सीवर का कार्य पूरा नहीं करा पा रहा है।

जिम्मेदारों के बेतुके हैं जबाव


यह 500 मीटर का टुकडा वार्ड नम्बर 54 में आता है। यहां की पार्षद मीरा मित्तल का मानना है कि 70 वर्षों में कुछ हुआ हो या न हुआ हो मगर 6 वर्ष में सारा काम होना चाहिए। सांसद प्रतिनिधि जर्नादन शर्मा जी से वार्ता की गई तो उन्होंने बताया कि गंगा जल परियोजना के अंतर्गत कार्य हो रहा है जल निगम कार्यदाई संस्था है, शहर के अंदर काम करने में कुछ समय ज्यादा लग जाता है निर्धारित समय से ज्यादा कुछ न कुछ समस्याएं आती है एंक्रोचमेंट की भी एक समस्या है। थोड़ा टाइम तो लगेगा। कार्रदाई संस्था को कहा गया है, जल्दी से काम को खत्म करें।

गन्दगी से निकलना मुश्किलः माधव गोतम  


इस सम्बन्ध में माधव गोतम एडवोकेट ने बताया कि मुझे अक्सर चैक बाजार या लाल दरवाजा क्षेत्र में आना होता है मैं इसी रास्ते से आता जाता हूँ, गन्दगी और बदबू के कारण यहां से निकलना मुश्किल हो जाता है तथा सड़क की स्थिति करीब एक वर्ष से भी अधिक समय से खराब है, जिसे देख कर लगता है कि यहां इस क्षेत्र लोग कैसे यहां रहते हैं।

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उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यक्रम क्रियान्वयन के पूर्व चेयरमैन राधा रमण शर्मा जो इसी क्षेत्र में निवास करते हैं ने कहा कि वेसे तो उत्तर प्रदेश सरकार मथुरा-काशी और अयोध्या को विश्वस्तरीय शहर बनाने की बात कर रही हैं हजारो करोड़ रुपया भी पानी की तरह बहाया जा रहा है। सड़कंे टूटी पडी हैं, नालों की सफाई नहीं हो रही है।
 

नारद संवाद

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