देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreकोरोना खत्म, महंगाई खत्म, बेरोजगारी खत्म, किसानों की समस्या खत्म, सभी को घर मिल गया, हर घर मे बिजली पहुंच गई...नदियां स्वच्छ होकर निर्मल धारा बहने लगी..सभी की प्रति व्यक्ति आय बढ़ गयी चारो और शांति है...सभी खुश है...? जनवरी 2020 शुरू.....चैनलों की सुर्खियां हर चैनल पर भारत पाकिस्तान युद्ध फिर नमस्ते ट्रंप... फिर...कोविड शुरू हुए ही कुछ समय गुजरा कि सुशांत की एंट्री हुई जो अब तक और आगे तक चलने की उम्मीद है...फिर रिया, अब कंगना...साथ मे अब चाइना माने तो रोज युद्ध हम जीत जाते है...? 2011 से दो साल तक आंदोलनों की बाढ़ आ गयी थी थोड़ा याद कर लेते है क्योकि हम सब को भूलने की बीमारी ज्यादा है ... ब्रज से यमुना के लिए बहुत बडा आंदोलन हुआ लंबी-लंबी यात्रा निकाली संत समाज से लेकर आम जन मानस तक...अन्ना का आंदोलन.....जहाँ से जन्म हुआ एक नयी राजनीती का जो निकल कर दिल्ली में सरकार भी बनायीं...रामलीला मैदान से सपने दिखाने की शुरुआत हुई...एक योग साधक आया योग साधना से गुजरते हुए.... साधक ने भ्रष्टाचार और काले धन के मुद्दे पर रामलीला मैदान में आंदोलन शुरू किया...आंदोलन करते करते व्यापार पर ही सीमित हो गया... खेर सभी काम हुए पर परिणाम क्या निकला.....? मीडिया आम जन मानस की उम्मीद है....पर आज कहाँ खड़े है सोचिये समझिये प्रजा समझती सब है पर वक़्त का इंतजार करती है...? आपको ऊपर से सब घोलमाल लगा होगा....वो इसलिए क्योकि आज का चलन ये ही है...आज का मीडिया तंत्र....?













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विज्ञान के जादुई आविष्कार कभी साहित्यिक सपने थे।
'गर तुम भुला ना दोगे, सपने ये सच ही होंगे' अभी यही तो कहा था और कहां चले गए आप 'ही-मैन'